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सरकार ने CAPF की कैंटीन में सिर्फ 'स्वदेशी' सामान बेचने का आदेश वापस लिया

FMCG कंपनियों की कुल बिक्री का 2-3 फीसदी हिस्सा CAPF की कैंटीन से होता है
अपडेटेड May 22, 2020 पर 08:16  |  स्रोत : Moneycontrol.com

CAPF की कैंटीन में 1 जून से स्वदेशी सामान बिकने के आदेश को सरकार ने वापस ले लिया है। सरकार ने 15 मई को आदेश दिया था कि Central Armed Police Forces (CAPF) की कैंटीन में 1 जून से सिर्फ स्वदेशी सामान ही बिकेगा। ये सामान Khadi and Village Industries Commission (KVIC) के जरिए खरीदा जाएगा।


सरकार के आदेश वापस लेने से भारत में काम कर रही मल्टी नेशनल FMCG कंपनियां जैसे हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever), नेस्ले (Nestle), Mondelez, PepsiCo (पेप्सिको) और Coca-Cola (कोकाकोला) जैसी कंपनियों के लिए राहत भरी खबर है। स्वेदशी सामान के आदेश पर सभी FMCG कंपनियां काफी चिंतित थी।


जानकारों का मानना है कि FMCG कंपनियों की कुल बिक्री का 2-3 फीसदी हिस्सा CAPF की कैंटीन से होता है। 


बता दें कि सरकार ने जब स्वेदशी सामान बेचने की बात कही थी CAPF ने सरकार किसी भी तरह के स्पष्टीकरण न होने के चलते सामान खरीद पर रोक लगा दी थी। केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडारण निकाय (Central police welfare storage body)  ने हाल में आदेश जारी कर कहा है कि सभी  तरह के सामनों के आर्डर तत्काल प्रभाव से रोक दिए जाएं। यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक गृह मंत्रालय से स्वदेशी कंपनियों और उत्पादों को लेकर निर्देश नहीं मिल जाते हैं।


CAPF की कैंटीन में सालाना करीब 2,800 करोड़ रुपये का बिजनेस होता है। इन कैंटीनों से सालाना लगभग 10 लाख कर्मचारियों के परिवारों सामान खरीदते हैं। CAPFs के तहत CRPF, BSF, CISF, ITBP, SSB, NSG and Assam Rifles (असम राइफल्स) कैंटीन शामिल है।


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