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जीएसटी की दिक्कतें दूर करने के लिए बना मंत्रियों का समूह

प्रकाशित Sat, 04, 2018 पर 16:31  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जीएसटी काउंसिल की बैठक में एमएसएमई का मुद्दा ही गरम रहा। छोटे मझोले कारोबारियों की जीएसटी संबंधी दिक्कतों को दूर करने के लिए मंत्रियों के समूह का गठन किया गया है। वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला इस समूह की अध्यक्षता करेंगे। इस समूह में केरल, पंजाब, दिल्ली,  असम और बिहार के वित्त मंत्री शामल होंगे।


साथ ही इस बैठक में डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए इन्सेंटिव देने पर भी चर्चा हुई है। इसके लिए पायलेट प्रोजेक्ट का प्रस्ताव भी दिया गया है। इसके तहत भीम और रुपे कार्ड से पेमेंट पर जीएसटी का 20 फीसदी कैशबैक उपभोक्ता को दिया जाएगा। हालांकि कुछ राज्यों ने डिजिटल इन्सेंटिव देने पर विरोध जताया है।


इस बैठक के बाद उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने अपने बयान में कहा कि कमिटी एमएसएमई सेक्टर की दिक्कतों पर रिपोर्ट बनाएगी। डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए इन्सेंटिव दिया जाएगा।


बता दें कि कुछ राज्यों ने डिजिटल इन्सेंटिव पर असहमति जताई है। दिल्ली, पंजाब, केरल, पश्चिम बंगाल डिजिटल इन्सेंटिव के खिलाफ हैं।


जीएसटी काउंसिल की बैठक खत्म होने के बाद वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जीएसटी काउंसिल में पिछले 13 महीने से एमएसएमई पर जोर है। इस बैठक में एमएसएमई सेक्टर के प्रति सहानुभूति दिखी और उनसे जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की बैठक सार्थक रही।


वित्त मंत्री ने कहा कि इस बैठक में जीएसटी से जुड़े सभी मुद्दों पर गहराई से चर्चा की गई। एमएसएमई की दिक्कतों पर मंत्रियों के समूह का गठन किया गया है।  एमएसएमई के सभी मुद्दों पर जीएमओ अपनी रिपोर्ट देगा।


इस बैठक में डिजिटल ट्रांजैक्शन के इन्सेंटिव पर भी चर्चा हुई। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर डिजिटल ट्रांजैक्शन पर इन्सेंटिव शुरू किया जा सकता है। भीम और रुपे कार्ड से पेमेंट पर ही इन्सेंटिव मिलेगा। इन्सेंटिव के तौर पर जीएसटी का 20 फीसदी कैशबैक उपभोक्ता को मिल सकता है जो अधिकतम 100 रुपये होगा। लेकिन डिजिटल इन्सेंटिव लागू करना राज्यों पर निर्भर करेगा।


आज जीएसटी काउंसिल में हुए बड़े फैसलों पर पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि जीएसटी से छोटे कारोबार को नुकसान हुआ है। कमिटी को 6 हफ्तों में रिपोर्ट सौपेंगी। सरकार छोटे कारोबार बढ़ाने पर जोर देगी। डिजिटल ट्रांजैक्शन पर छूट पर कोई सहमति नहीं बनी है। सिर्फ 2 कार्ड को सहमति देना गैरकानूनी है। 29-30 सितंबर को गोवा में जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक होगी।


जीएसटी काउंसिल में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई सुझाव दिए गए है, इस मुद्दे पर दिल्ली के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि छोटे उद्योग देश के लिए काफी अहम हैं। छोटे उद्योगों से देश में सबसे ज्यादा रोजगार मिलता है। एमएसएमई सेक्टर के लिए कई राज्यों से सुझाव आए हैं। 5 करोड़ रुपये टर्नओवर वाले कारोबारी को टैक्स छूट का प्रस्ताव है। टैक्स कलेक्शन के आधार पर कैशबैक का प्रस्ताव भी है।


बता दें कि एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए जीएसटी काउंसिल ने कमिटी का गठन किया है। इस कमिटी के चेयरमैन होंगे वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला।


कमिटी से सेक्टर को क्या राहत मिल सकती है, और किन बातों का ख्याल रखा जाएगा, इस बारे में शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि सरकार का छोटे कारोबारियों को बढ़ावा देने पर जोर होगा। सभी राज्यों से एमएसएमई सेक्टर के लिए सुझाव आए हैं। एमएसएमई सेक्टर की दिक्कतों पर कमिटी का गठन किया गया है। इंडस्ट्री, यूनियन और एसोसिएशन से भी इस सेक्टर पर सुझाव आएंगे। कमिटी का समय अभी तय नहीं किया गया है।


उधर भीम और रुपे कार्ड पर ट्रांजैक्शन छूट पर सुशील मोदी ने सफाई दी और उन्होंने कहा कि ये छूट गरीबों के लिए है।