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गुजरात सरकार लाएगी नई टेक्सटाइल पॉलिसी

प्रकाशित Sat, 29, 2018 पर 15:18  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

गुजरात सरकार जल्द ही नई टेक्सटाइल पॉलिसी का एलान करेगी। देश के सबसे बड़े कॉटन उत्पादक होने के नाते गुजरात की टेक्सटाइल पॉलिसी को दूसरे राज्य भी अपना सकते है। गुजरात देश में कॉटन का सबसे बड़ा उत्पादक है। यहां पैदा होने वाले कॉटन से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गारमेंट सेक्टर की अच्छी पहचान बने, इसके लिए गुजरात सरकार नई टेक्सटाइल पॉलिसी बनाने जा रही है। इस पॉलिसी में बुनाई, प्रोसेसिंग और गारमेंट बनाने पर जोर दिया जाएगा। प्रोसेसिंग हाउस प्रदूषण मुक्त होने के लिए जीरो डिस्चार्ज सिस्टम लगाने के लिए राज्य सरकार 75 फीसदी से ज्यादा सब्सिडी की मांग कर रहे हैं।


गुजरात सरकार की 2012 की टेक्सटाइल पॉलिसी 2017 में खत्म हो गई थी जिसे 1 साल के लिए एक्सटेंड किया गया था। इस पॉलिसी में जिनिंग और स्पिनिंग यूनिट्स को बढ़ावा देने पर जोर था।


इन यूनिट्स को यार्न पर वैट से छूट थी। बिजली के बिल में प्रति यूनिट 1 रुपये की छुट मिल रही थी। नई यूनिट्स को मशीनरी की खरीदारी के लिए बैंक लोन पर 7 फीसदी की ब्याज माफी मिलती थी और इंवेस्टमेंट पर 35 फीसदी कैपिटल सब्सिडी मिलती थी। प्रोसेस हाउस को जीरो डिस्चार्ज प्लांट लगाने पर हुए इंवेस्टमेंट में 50 फीसदी तक सब इंटरेस्ट छूट मिलती थी।


नई पॉलिसी में ये सारी छूटें जारी रहें लेकिन इसका फायदा कॉटन, जिनिंग और स्पिनिंग यूनिट्स के बजाए सीधा विविंग, प्रोसेस हाउस और गारमेंट यूनिट्स को मिले, ऐसी मांग हो रही है। 2012 की टेक्सटाइल पालिसी का मतलब स्पिनिंग यूनिट्स को गुजरात में बढ़ावा देने का था जिसके कारन राज्य में करीब 60 फीसदी जितने स्पिनिंग यूनिट्स की बढ़ोतरी हुई है अब विविंग, प्रोसेसिंग और गारमेंट को बढ़ावा देने पर जोर दिया जायेगा. इसका कितना फायदा यह सेक्टर उठा सकता है यह देखना होगा।