Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

हाई कोविड इंफेक्शन वाले सभी जिलों में लगाया जाए 6-8 हफ्तों का कठोर लॉकडाउन: ICMR चीफ

बलराम भागर्व ने एक इंटरव्यू में कहा है कि उन सभी जिलों में जहां इंफेक्शन की दर टेस्ट किए लोगों से 10 फीसदी ज्यादा है वहां लॉकडाउन के प्रतिबंध जारी किए जाने चाहिए।
अपडेटेड May 12, 2021 पर 21:21  |  स्रोत : Moneycontrol.com

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्ज (ICMR)के हेड बलराम भार्गव ने एक इंटरव्यू में कहा है कि उन सभी जिलों में जहां इंफेक्शन की दर टेस्ट किए लोगों से 10 फीसदी ज्यादा है वहां लॉकडाउन के प्रतिबंध लागू किए जाने चाहिए। उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि जिन भी जिलों में कोविड-19 इन्फेक्शन की दर हाई लेवल पर है उनमें एक और बार 6 से 8 हफ्ते का लॉकडाउन लागू होना चाहिए तभी इस जानलेवा महामारी पर नियत्रण किया जा सकेगा।


वर्तमान में भारत के 718 जिलों में से 3 चौथाई जिले ऐसे है जहां पर कोविड-19 इन्फेक्शन की दर टेस्ट किए गए लोगों से 10 फीसदी ज्यादा है। इन जिलों में दिल्ली, मुंबई और बेगलूरु जैसे मेट्रो भी शामिल हैं।


बलराम भार्गव  का दिया गया यह बयान सरकार के किसी बड़े  अधिकारी द्वारा दिया गया पहला बयान है जिसमें कहा गया है कि कितनी अवधि तक लॉकडाउन लागू रहना चाहिए।


बता दें कि देश के कई राज्यों में अलग-अलग जोन में लॉकडाउन लगाया गया है। हालांकि लॉकडाउन के नकारात्मक आर्थिक प्रभाव को ध्यान में रखकर पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार नेशनल लॉकडाउन लगाने से बचती रही है और केंद्र सरकार ने यह फैसला राज्यों के ऊपर छोड़ दिया है।


कई राज्यों ने कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए इकोनॉमिक गतिविधियों और जनता के आवागमन को अपने तरीके से नियंत्रित करने की कोशिश की है। राज्यों में परिस्थितियों के हिसाब से लॉकडाउन वीकली या 15 दिन के आधार पर बढ़ाए भी जा रहे हैं।


राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का उदाहरण देते हुए बलराम भार्गव ने कहा कि अगर दिल्ली को पूरी तरह से खोल दिया जाए तो बहुत बड़ी विपत्ति आ जाएगी। बता दें कि एक समय दिल्ली की पॉजिटिविटी दर 35 फीसदी पहुंच गई थी किंतु हाल ही में लागू किए लॉकडाउन की वजह से यह 17 फीसदी पर आ गई है।


कोरोना की दूसरी लहर के चलते भारत घोर संकट के दौर से गुजर रहा है। दैनिक आधार पर रोज देश में 3 लाख 50 हजार से ज्यादा केस आ रहे हैं और करीब रोज 4000 मौतें हो रही है। अस्पतालों में बेड नहीं है और मुर्दाघरों में लाश रखने की जगह नहीं है। मेडिकल स्टॉफ की कमी है।


देश में ऑक्सीजन और दवाओं की भी कमी हो गई है। तमाम जानकारों का कहना है कि कोरोना से संक्रमित होने वाले और जान गवाने वाले लोगों की संख्या जितनी बताई जा रही है उससे 5 से 10 गुना ज्यादा है।


इस इंटरव्यू में बलराम भार्गव ने मोदी सरकार की कोई आलोचना तो नहीं की लेकिन उन्होंने ये माना कि इस संकट से निपटने के लिए कदम उठाने में देरी जरुर की गई है।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें