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कोरोना संकट पर IIAS का निवेशक सर्वे, 57% निवेशकों का बड़े ऑडिटर्स पर से भरोसा उठा

कोरोना और लॉकडाउन की वजह से निवेशक इस बार डिविडेंट छोड़ने को तैयार हैं।
अपडेटेड May 22, 2020 पर 13:57  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

कोरोना और लॉकडाउन की वजह से निवेशक इस बार डिविडेंट छोड़ने को तैयार हैं। एक सर्वे के मुताबिक 78 फीसदी निवेशक मानते हैं कि कंपनियों को डिविडेंड देने की बजाए अपना बैलेंसशीट मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स एडवायजरी सर्विस के सर्वे में निवेशक ऑडिटर्स और कंपनियों के बारे  में क्या सोचते हैं इसके बारे में भी दिलचस्प खुलासा हुआ है आइए जानते है।


इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स एडवायजरी सर्विस (IIAS) के सर्वे के मुताबिक 78% निवेशक कंपनियों की माली हालत पर चिंतित है। जिसके चलते इस साल उन्हें कंपनियों से डिविडेंड नहीं मिला तो कोई खास गम नहीं होगा।
अधिकतर निवेशकों का मानना है कि कंपनियों को डिविडेंट सस्पेंड करके कैश रिजर्व ध्यान देना चाहिए।


सर्वे में शामिल 78 फीसदी निवेशक मानते हैं कि कोरोना के संकटकाल में कंपनियां को अपनी बैलैंसशीट सुधारनी चाहिए। सिर्फ 22% निवेशक इस वक्त भी डिविडेंट चाहते हैं। सर्वे में आधे से ज्यादा को बिग 4 पर भरोसा नहीं है।


सर्वे में शामिल 57% निवेशकों का बड़े ऑडिटर्स पर से भरोसा उठा है जबकि 73% के मुताबिक अनक्वालिफायड रिपोर्ट सही, निष्पक्ष है। प्रोमोटर्स का परिवार बड़े पदों पर हो तो ऐतराज नहीं है। 87% निवेशक मानते हैं कि प्रोमोटर्स को अपना हित देखना चाहिए।


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