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कोरोना मरीजों के लिए उपयोगी रेमडेसिवीर दवा के बांग्लादेश से आयात में फंसा पेंच

सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन फिलहाल भारत के जेनरिक औषधि उत्पादक कंपनियों द्वारा बनाई गई रेमडेसिवीर दवा की गुणवत्ता की जांच कर रहा है।
अपडेटेड Jun 18, 2020 पर 11:45  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोरोना संक्रमण के संकट में स्वास्थ्य व्यवस्था पर जबर्दस्त दबाव है। वहीं इसके इलाज के लिए रोगियों पर अलग-अलग दवाईयों की टेस्टिंग की जा रही है। ऐसे में रेमडेसिवीर दवा कोरोना मरीजों के लिए फायदेमंद होने की बात विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कही है। जिसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने इस दवा के इंजेक्शन बांग्लादेश से खरीदने का निर्णय लिया था परंतु सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन ने इस दवा को अवैध तरीके से बांग्लादेश से आयात करने की मंजूरी नहीं दी है। जिसकी वजह से राज्य सरकार ये दवा खरीद नहीं पाई है।


लोकसत्ता ने इंडियन एक्सप्रेस के हवाले से खबर छापी है कि राज्य सरकार कोरोना रोगियों के लिए गुणकारी रेमडेसिवीर दवा की बांग्लादेश से आयात करने का प्रयत्न कर रही है लेकिन सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन ने कहा है कि अवैध तरीके से किये गये आयात पर रोक लगाई जायेगी। बांग्लादेश में रेमडेसिवीर उत्पादक कंपनियों को कोई भी मंजूरी नहीं मिली है। इसलिए उसका आयात कैसे किया जा सकता है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर ये जानकारी दी है।


सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन फिलहाल भारत के जेनरिक औषधि उत्पादक कंपनियों द्वारा बनाई गई रेमडेसिवीर दवा की गुणवत्ता की जांच कर रहा है। इसलिए इस समय जिन कंपनियों के पास मान्यता नहीं उनसे रेमडेसिवीर दवाई के आयात को रोकने पर प्रमुख रूप से ध्यान दिया जायेगा।


रेमडेसिवीर दवा कोरोना संक्रमितों के उपचार के लिए फायदेमंद है यह कहते हुए राज्य सरकार रेमडेसिवीर के 10 हजार इंजेक्शन खरीदेगी यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने 6 जून को दी थी। ये दवा कोरोना मरीजों पर उपयोगी साबित हुई  है ऐसा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कहा है। इसलिए बांग्लादेश से ये दवा आयात करने का राज्य सरकार ने निर्णय लिया था पंरतु सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन का कहना है कि बांग्लादेश की जो कंपनियां इस दवा का उत्पादन करती हैं उनके पास इसकी मान्यता नहीं है। इसलिए बांग्लादेश से आयात की हुई दवा अवैध मानी जायेगी जिसके कारण राज्य सरकार द्वारा इस दवा का आयात करने में पेंच फंस गया है।


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