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नेशनल ई-असेसमेंट सेंटर का उद्घाटन, आयकर विभाग शुरू करेगा फेसलेस असेसमेंट की शुरूआत

आज नेशनल ई-असेसमेंट सेंटर का उद्धाटन किया गया है।
अपडेटेड Oct 07, 2019 पर 18:28  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आज नेशनल ई-असेसमेंट सेंटर का उद्घाटन किया गया है जिसके जरिए आयकर विभाग करदाताओं के लिए फेसलेस असेसमेंट की शुरूआत करने जा रहा है यानि अब किसी भी करदाता को व्यक्तिगत तौर पर आयकर विभाग के दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।


तो अब आयकर विभाग अब पूरी तरह से ऑनलाईन है। फेसलेस असेसमेंट के तहत अब करदाता को अधिकारियों के सामने पेश नहीं होना पड़ेगा। जो भी कार्रवाई होगी वो नेशनल ई-असेसमेंट पोर्टल के जरिए होगी। अब टैक्सपेयर को रजिस्टर्ड ई मेल और वेब पोर्टल यानि www.incometaxindiaefiling.gov.in पर लॉगिन करने पर नोटिस और सूचनाएं मिलेंगी। साथ ही रजिस्टर्ड मोबाइल पर तुरंत मैसेज मिलेगा।


टैक्सपेयर को सुविधा होगी कि वो अपने घर या दफ्तर से इसका जवाब दे सकें और उसे संबंधित कागजात वेब पोर्टल पर अपलोड करके अपना जबाव सीधे नेशनल ई-असेसमेंट सेंटर भेज सकें। जांच का काम रैंडम तरीके से चुनी हुई टैक्स अधिकारियों की टीम करेगी। यानि टैक्सपेयर और जांच अधिकारी एक दूसरे के बारे में नहीं जान पाएंगे। अगर जरूरत पड़ी तो करदाता को वीडियो कान्फ्रेन्सिंग की सुविधा भी मिलेगी।


नेशनल ई-असेसमेंट सेंटर के साथ देश के 8 शहरों दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे और बंगलुरू में रीजनल सेंटर्स होंगे। इनमें से किसी भी सेंटर पर टैक्स रिटर्न का असेसमेंट किया जा सकता है। असेसमेंट में ख़ामियां पाए जाने पर इन्हीं सेंटरों के ज़रिए टैक्स नोटिस या आगे की कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।


करदाता और टैक्स अधिकारियों के बीच सीधे संपर्क होने की वजह से भ्रष्टाचार की आशंका बनी रहती है। ज़ाहिर है पहले डिन यानी डॉक्यूमेंट आईडेंटिफिकेशन नंबर हर आयकर विभाग की चिट्ठी पर अनिवार्य करने का ऐलान और अब फेसलेस असेसमेंट। ज़ाहिर है जब करदाता और टैक्स अधिकारी का आमना सामना ही नहीं होगा तो आकलन प्रक्रिया में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ना तय है।



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