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भारत को सौर ऊर्जा का हब बनाने की तैयारी

प्रकाशित Mon, 12, 2018 पर 09:27  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कल पहली इंटरनेशनल सोलर अलायंस यानि आईएसए समिट का दिल्ली में उद्घाटन किया। इसे दुनिया के सोलर एनर्जी सेक्टर में भारत और फ्रांस की बड़ी पहल माना जा रहा है। आईएसए समिट में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने, क्राउड फंडिंग, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, क्रेडिट मैकेनिज्म, रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन, ग्रिड सोलर एनर्जी, वॉटर सप्लाई और सिंचाई जैसे मुद्दों पर तैयार प्रोजेक्ट्स पर चर्चा होगी। इसका मकसद अलायंस में शामिल सभी देशों को सस्ती, साफ और रिन्युएबल एनर्जी मुहैया कराना है।


बता दें कि आईएसए कर्क और मकर रेखा के बीच आने वाले देशों का समूह है। इसमें 121 देश शामिल हैं। इन देशों में सालभर धूप रहती है। ये सभी देश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। भारत ने सोलर अलायंस के हेडक्वार्टर के लिए 5 एकड़ जमीन दी है। इस समिट में 23 देशों के राष्ट्राध्यक्ष, 10 देशों के मंत्री शामिल हैं। आईएसए का मकसद सस्ती, साफ और रिन्युएबल एनर्जी मुहैया कराना है।


इस समिट में पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हमारा ये एलायंस सभी के विकास के लिए उठाया गया पहला और महत्वपूर्ण कदम है। सोलर एलायंस विकास के लिए जरूरी है। ये अलायंस देशों को गति प्रदान करेगा। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना इसका मकसद है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि सौर प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए भारत ने पूरी तरह से कमर कस ली है।


उधर देश में एनर्जी सेक्टर से जुड़ी समस्याओं के समाधान ढूंढने और क्लीन ऐनर्जी को बढ़ावा देने के मकसद से ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में इलेक्रामा की शुरुआत की गई। इंडियन इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन यानी आईईईएमए ने इलेक्रामा की शुरुआत की। इलेक्रामा दुनिया में बिजली कंपनियों का सबसे बड़ा एक्जिबिशन है। इलेक्रामा में बिजली बनाने से लेकर उसके वितरण से जुडी तकनीक, उपकरणों व नए एक्सपेरिमेंट की जानकारी दी जाएगी। 10 से 14 मार्च तक चलने वाले इलेक्रामा में 120 देशों से आई 1100 से अधिक कंपनियां अपने प्रोडक्टस शोकेस करेंगी। इलेक्रामा का उद्घाटन आज उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने किया इस मौके उनके साथ देश के वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु भी मौजूद रहे।