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भारत चाइनीज कंपनियों से मिले करीब 50 निवेश प्रस्तावों की कर रहा है समीक्षा

भारत सरकार द्वारा अप्रैल में घोषित किए गए नए कानूनों के तहत पड़ोसी देशों से आनेवाले सभी निवेशों की जांच और मंजूरी भारत सरकार द्वारा की जाएगी।
अपडेटेड Jul 07, 2020 पर 14:35  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सूत्रों के हवाले मिली जानकारी  के मुताबिक भारत सरकार अपनी नई निवेश स्क्रीनिंग नीति के तहत चाइनीज कंपनियों की तरफ से आए  50 निवेश प्रस्तावों की समीक्षा कर रही है। भारत सरकार द्वारा अप्रैल में घोषित किए गए नए कानूनों के तहत पड़ोसी देशों से आनेवाले सभी निवेशों की जांच और मंजूरी भारत सरकार द्वारा की जाएगी।


बता दें कि पड़ोसी देशों में चाइना से ही सबसे ज्यादा निवेश आ रहा है। चीन की सरकार और वहां के निवेशकों ने भारत सरकार की इस नीति की आलोचना भी की थी और इसको भेदभाव पूर्ण कहा था।


भारत सरकार द्वारा बनाई गई यह नीति कोरोना वायरस संकट काल के दौरान चाइना और पाकिस्तान जैसे देशों की तरफ से होने वाले अवसरवादी निवेश और अधिग्रहण पर नियंत्रण के लिए है। हालांकि इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि भारत-चीन के बीच सीमा तनाव और दोनों देशों के सैनिकों के बीच जून में हुई खूनी झड़प के बाद चीन के निवेश प्रस्तावों की मंजूरी में और देरी हो सकती है।


इस संदर्भ में एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि चीन से निवेश पर कई मंजूरियों की जरुरत होती है और वर्तमान स्थितियों में हम इस तरह के निवेश को लेकर कुछ ज्यादा सर्तकता बरत रहे हैं। इस मुद्दे पर कॉर्मस मिनिस्ट्री के तहत आनेवाले भारत के इंडस्ट्रीज डिपार्टमेंट ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।


सूत्रों ने गोपनीयता का हवाला देते हुए उन चाइनीज कंपनियों का नाम बताने से इनकार कर दिया जिनके निवेश प्रस्ताव समीक्षाधीन है । सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक जब से पड़ोसी देशों से होने वाले निवेश से संबंधित नियमों में बदलाव हुआ है लगभग 40-50 चाइनीज निवेश प्रस्ताव आए हैं जिनकी समीक्षा की जा रही है।


एक और स्रोत ने बताया कि इन निवेश प्रस्तावों की जांच कई सरकारी एजेसिंयों द्वारा की जा रही है जिसमें चीन स्थित भारतीय कॉन्स्यूलेट भी शामिल है जो इन चाइनीज निवेशकों और उनके प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करके उनके निवेश प्रस्ताव पर सफाई मांग रहा है।


भारतीय लॉ फर्म कृष्णमूर्ति एंड कंपनी के आलोक सोनकर ने कहा कि हाल के हफ्तों में भारत में निवेश करने के इच्छुक कम से  कम 10 चाइनीज क्लायंट्स ने इस लॉ फर्म  से संपर्क करके उनकी सलाह मांगी है लेकिन भारत सरकार की तरफ से इस मुद्दे पर और स्पष्टीकरण की जरुरत है।


रिसर्च ग्रुप  Brookings की तरफ से मार्च में दिए गए आकंड़ों के मुताबिक भारत में चाइनीज कंपनियों का वर्तमान और  planned निवेश 26 अरब डॉलर से ज्यादा का है।




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