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इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस को Oaktree से मिली 2,200 करोड़ रुपये की संजीवनी

इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस में ओकट्री कैपिटल से पैसे लेने के लिए अपने रियल एस्टेट लोन का एक हिस्सा गिरवी रखा है
अपडेटेड Jul 05, 2020 पर 10:08  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक  इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस (Indiabulls Housing Finance) ने अपने रियल एसेट लोन का एक हिस्सा गिरवी रख कर ओकट्री कैपिटल  (Oaktree Capital) से 2,200 करोड़ रुपये जुटाए हैं। बता दें कि ओकट्री कैपिटल  (Oaktree Capital) एक ग्लोबल स्ट्रेस्ड एसेट इन्वेस्टर है। लाइव मिंट में प्रकाशित इस खबर के मुताबिक इस फंड का उपयोग इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस अपने बकाया भुगतान को चुकाने में करेगी। इस डील से इंडियाबुल्स हाउसिंग को नया जीवन मिल सकता है। बता दें कि कंपनी पिछले कई महीनों से तमाम इन्वेस्टरों से कंपनी में पैसा लगाने के लिए बातचीत कर रही थी।


इस डील के शर्तों के तहत ओकट्री कैपिटल इंडियाबुल्स हाउसिंग द्वारा बेचे जाने वाले नॉन- कंन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) खरीदेगी।  ये NCD करीब 4500 करोड़ रुपये के रियल एस्टेट पोर्टफोलियों से गारंटीड होंगे। हालांकि इस खबर पर इंडियाबुल्स हाउसिंग और ओकट्री कैपिटल दोनों ने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इंनकार कर दिया  है।


बता दें कि पिछले साल हुए इस तरह के एक सौदे में वर्तमान में अब दिवालिया हो चुकी दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड में  (DHFL) ने अपने कर्ज को घटाने और तत्कालिक नकदी जरुरत को पूरा करने के लिए ओकट्री को 1,375 करोड़ रुपये के होलसेल लोन की बिक्री की थी।


गौरतलब है कि रेटिंग डाउनग्रेड्स के बीच इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस का कारोबार लगातार दबाव में है। मूडीज की इन्वेस्टर सर्विस ने इसकी रेटिंग B2 से घटाकर B3 कर दी है और इसका आउटलुक घटाकर निगेटिव कर दिया है। इसी तरह ICRA ने कंपनी की लॉन्ग टर्म रेटिंग को स्टेबल से घटाकर निगेटिव कर दिया है।


कंपनी की रेटिंग में इस डाउनग्रेडिंग की वजह यस बैंक ( Yes Bank) में इसका एक्सपोजर और पूंजी बाजार से पैसा जुटाने में आ रही मुश्किलों की वजह से की गई है।


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