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भारतीय एविएशन कंपनियों पर दिवालिया होने का खतरा, IATA ने पीएम मोदी से लगाई गुहार

कोरोना वायरस के कहर को चलते भारतीय airlines कंपनियां दिवालिया होने के गंभीर खतरे से जूझ रही हैं।
अपडेटेड Mar 30, 2020 पर 09:28  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Airlines कंपनियों की अंतर्रराष्ट्रीय संस्था IATA यानी International Air Transport Association ने पीएम मोदी को लिखी चिट्टठी में कहा है कि कोरोना वायरस के कहर के चलते भारतीय airlines कंपनियां दिवालिया होने के गंभीर खतरे से जूझ रही हैं। इस महामारी के चलते भारतीय एविशन इंडस्ट्री में करीब 5.75 लाख नौकरियां जाने का खतरा है। पीएम को 24 मार्च को लिखी गई चिट्ठी में IATA के Director General अलेक्जेंड्रे डी जुनियाक ने कहा है कि एक अनुमान के मुताबिक COVID-19 की वजह से 2020 में हवाई यात्रियों की संख्या में 9 फीसदी की गिरावट हो सकती है जिससे भारतीय एविएशन इंडस्ट्री को  2.1 अरब डॉलर का नुकासान हो सकता है।



बता दें कि कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने को लिए 25 मार्च से भारत में 21 दिनों का lockdown घोषित किया गया है। इस अवधि में सभी घरेलू और विदेशी कमर्शियल फ्लाइट्स स्थगित रहेंगी।


अलेक्जेंड्रे डी जुनियाक ने पीएम को लिखे अपने इस पत्र में आगे कहा है कि  COVID-19 की वजह से एविएशन इंडस्ट्री में आए इस संकट के चलते  575,000 नौकरियां जा सकती हैं और जीडीपी में transport industry का योगदान 3.2 अरब डॉलर घट सकता है। बता दें कि IATA की सदस्यता सूचि में दुनियाभर की करीब 300  airlines शामिल हैं जो दुनिया कुल air traffic कारोबार का 82 फीसदी हिस्सा है।


अलेक्जेंड्रे डी जुनियाक ने आगे लिखा है कि अगर सरकार अभी जरूरी कदम नहीं उठाती है तो  कोरोना संकट के खत्म होने के बाद भारतीय इकोनॉमी की रिकवरी में और मुश्किलें आएंगी।


गौरतलब है कि  कोरोना संकट  के चलते देश की कई airlines ने पहले ही cost-cutting शुरू कर दी है क्योंकि कोरोना के चलते उनकी आय में भारी गिरावट हुई है। इंडिगो ने घोषणा की है कि उसके वरिष्ठ कर्मचारी के वेतन में 25 प्रतिशत तक की कटौती  की जाएगी। इसी तरह गोएयर ने अपने कर्मचारियों के लिए बगैर वेतन के छुट्टी की शुरुआत की है और सभी कर्मचारियों के लिए वेतन कटौती की घोषणा की है। विस्तारा ने गुरुवार को कहा कि उसके वरिष्ठ कर्मचारी तीन दिनों तक बिना वेतन के अनिवार्य अवकाश पर जाएंगे।


IATA DG ने आगे कहा है कि COVID-19 के फैलने के पहले भारत की इकोनॉमी में एविएशन इंडस्ट्री का योगदान 35 अरब डॉलर था। ये इंडस्ट्री देश में 62 लाख लोगों रोजगार देती थी और भारत की  GDP में इसका 1.5 प्रतिशत योगदान था। लेकिन COVID-19 महामारी नें भारतीय एविशन इंडस्ट्री को भारी नुकसान पहुंचाया है। भारतीय एविएशन कंपनियां दीवालिया होने के तत्काल खरते से गुजर रही हैं। इन कंपनियों का परिचालन बंद होने से कई और गंभीर परिणाम सामने आएंगे। अलेक्जेंड्रे डी जुनियाक ने आगे लिखा है कि भारत की इकोनॉमी में  एयरलाइन इंडस्ट्री का जो योगदान है, वह एयरलाइन उद्योग के पस्त हो जाने पर खत्म हो जाएगा। एविएशन इंडस्ट्री के साथ ही इकोनॉमी को इस खतरे से उबारने के लिए सरकार को आगे आना होगा।


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