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तेल की मांग बढ़ने से रिफाइनरी और उत्पादन में बढ़ेगा निवेश : मूडीज

प्रकाशित Tue, 14, 2019 पर 10:00  |  स्रोत : Moneycontrol.com

देश में तेल की मांग दिनों दिन बढ़ती जा रही है। तेल, गैस का इम्पोर्ट भी खूब हो रहा है। ऐसे में भारत में बढ़ती तेल की खपत को देखते हुए दुनिया की रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा है कि, रिफाइनरी क्षमता, तेल गैस उत्पादन(प्रोडक्शन) में निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि उत्पादन स्थिर रहने पर इम्पोर्ट बढ़ता रहेगा।



साल 2018-19 में कच्चे तेल का आयात 83.7 फीसदी पहुंच गया था। एक साल पहले 2017-18 में82.9 फीसदी था। इससे भी पहले 2015-16 में 80.6 फीसदी आयात हुआ था।



मूडीज ने उभरते मार्केट की रेग्युलेटरी और सिक्योरिटी नीतियों पर एक रिपोर्ट में कहा कि, इंडिया में सभी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की बिक्री इंटरनेशनल मार्केट या रिजनल मार्केट (क्षेत्रीय बाजार) के रेट पर की जाती है। इससे ईंधन का रिटेल मार्केट मुक्त हो गया है। 


 


मूडीज के मुताबिक, इसके बावजूद अभी भी देश में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के डिस्ट्रीब्यूशन (वितरण) में 90 फीसदी हिस्सेदारी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के हाथ में है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ( IOC)), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (HPCL) और भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (BPCL) का ही फिलहाल पेट्रोलियम बाजार पर कब्जा है।




देश में कुल 64,624 पेट्रोल पंपों में से 57,944 पेट्रोलपंपों पर इन्हीं तीन कंपनियों का नियंत्रण है।



इंडिया में साल 2018-19 में 211.6 मिलियन टन पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की खपत हुई। जो कि पिछले 206.2 मिलियन टन रही। इससे पहले साल 2015-16 में 184.7 मिलियन टन की खपत रही थी।


हालांकि देश में कच्चे तेल का उत्पादन खपत के मुकाबले काफी कम है, लेकिन कच्चे तेल को कई उत्पादों में बदलने के मामले में भारत में सरप्लस की स्थिति है। पिछले फानेंसियल ईयर में पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन 264.4 मिलियन टन था।