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बायोमेट्रिक अटेंडेंस में इनोवेशन, जानिए क्या है स्टार्टअप Incubsense का सेफ अटेंडेंस आइडिया

कोरोना वायरस के चलते ज़्यादातर सरकारी और प्राइवेट offices में बायोमेट्रिक attendence पर रोक लगा दी गई है।
अपडेटेड Mar 18, 2020 पर 15:53  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

कोरोना वायरस के चलते ज़्यादातर सरकारी और प्राइवेट offices में बायोमेट्रिक attendence पर रोक लगा दी गई है। फिलहाल हर संस्था अपने स्तर पर वैकल्पिक इंतज़ाम कर रही है। तो चलिए आज जानते हैं एक ऐसे स्टार्टअप के बारे में जो इसी समस्या का समाधान देती है। स्टार्टअप इन्क्यूबसेंस (INCUBSENSE) बनाता है CONTACTLESS अटेंडेंस की सुविधा।


आज कोरोना को लेकर जो माहौल बना है उसमें बायोमेट्रिक अटेंडेंस के विकल्प खोजे जा रहे हैं। मगर गुरुग्राम के स्टार्टअप incubsense ने 2 साल पहले ही कॉन्टैक्टलेस अटेंडेंस की अहमियत समझ ली थी। स्टार्टअप का बिज़नेस आईडिया ही ये है कि हाइजीन का ध्यान रखते हुए हर एम्प्लॉई के लिए RFID औऱ बायोमेट्रिक अटेंडेंस का विकल्प हो। दिल्ली के रहने वाले दीक्षा देव और अनुज शर्मा, इन् दोनों दोस्तों ने incube access नाम से एक प्रोडक्ट बनाया जिसके जरिये कोई भी सिर्फ स्मार्टफोन के ज़रियर कांटेक्टलेस अटेंडेंस लगा सकता है।


incube एक्सेस की खासियत ये है कि बिना ह्यूमन टच के आप अटेंडेंस लगा सकते हैं। इसमें proxy या फिर अटेंडेंस में छेड़छाड़ की गुंजाइश बिल्कुल भी नहीं है, इस पूरे सिस्टम का हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर incubsense खुद तैयार करता है। INCUBSENSE के दो फ्लैगशिप डिवाइस incube एक्सेस और नन्हा, डिज़ाइन और मैन्यूफैक्चरिंग तक पूरी तरह मेड इन इंडिया है।


इस वक़्त incubsense लाइफ इंश्योरेंस, केमिकल मैनुफैक्चरिंग यूनिट्स और IT & फैसिलिटी मैनजमेंट कंपनी में अपनी सर्विस दे रहा है, पिछले 3 साल में इस स्टार्टअप ने अपने बिज़नेस में करीब 60 लाख रुपए का निवेश किया है,। फिलहाल कंपनी का फोकस निवेश बढ़ाने से ज़्यादा कस्टमर्स जोड़ने पर है। incubsense की योजना 2022 तक अपनी इन्रोइवशन को यूरोप और अमेरिकी बाज़ारों तक ले जाने की है।


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