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एक्टिव फार्मास्यूटिकल इनग्रेडिएंट्स पर QR कोड लगाना अनिवार्य होगा

दवाओं में इस्तेमाल होने वाले API यानि एक्टिव फार्मास्यूटिकल इनग्रेडिएंट्स पर QR कोड लगाना अनिवार्य होगा।
अपडेटेड Aug 14, 2019 पर 18:11  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

दवाओं में इस्तेमाल होने वाले API यानि एक्टिव फार्मास्यूटिकल इनग्रेडिएंट्स पर QR कोड लगाना अनिवार्य होगा। इससे असली और नकली दवाओं की पहचान में आसानी होगी। साथ ही, इससे दवा बनाने वाली कंपनी को ट्रैक करना आसान होगा। 8 सितंबर से API में QR कोड लगाना अनिवार्य होगा। इस पर केंद्र सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया है। QR कोड में निर्माता और बैच नंबर की जानकारी होगी। एक्सपायरी और इंपोर्टर की भी जानकारी होगी।


बता दें कि देश में सालाना 13,000 करोड़ रुपये का API इंपोर्ट होता है। नकली API से बनी दवाओं से मरीजों को फायदा नहीं होता। DTAB यानी ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड ने जून में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। US रिपोर्ट के मुताबिक भारत में बनी 20 फीसदी दवाएं नकली होती हैं। एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक 3 फीसदी दवाओं की क्वालिटी घटिया होती है।


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