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WhatsApp पर जरा संभलकर, आपके फोन में घुसे जासूस !

WhatsApp के जरिए भारत में कई वकील, पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी हो रही थी।
अपडेटेड Nov 04, 2019 पर 09:47  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अगर आप भी WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं तो हो जाइए सावधान क्योंकि WhatsApp के जरिए जासूसी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। ये खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि खुद WhatsApp ने ही की है। WhatsApp के जरिए भारत में कई वकील, पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी हो रही थी। कहीं आप भी इन जासूसों के जद में तो नहीं आ गए है। कंज्यूमर अड्डा में हम आज इसी पर बात करेंगे कि कहीं WhatsApp के जरिए आपके फोन में भी जासूस तो नहीं घूस गए हैं। लेकिन सबसे पहले देखिए ये रिपोर्ट।


एक इजराइली फर्म पर आई रिपोर्ट के मुताबिक इस कथित जासूसी में दुनिया भर में 1400 से लोगों के फोन हैक किए गए जिसमें भारतीय भी शामिल हैं। खुद WhatsApp ने माना कि इजरायली फर्म के स्पाइवेयर के जरिए भारतीय पत्रकारों, वकीलों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी की गई। WhatsApp के मुताबिक मई महीने में उसे एक ऐसे साइबर हमले का पता चला जिसमें उसकी वीडियो कॉलिंग के जरिए यूजर्स को मालवेयर भेजा गया। जब इस जासूसी की भनक वॉट्सऐप को लगी तो उसने बाकायदा इन यूजर्स को मैसेज के जरिए इसकी जानकारी दी। जिनकी जासूसी हुई है उनमें कई नामों का खुलासा भी हुआ है जिसके बाद इस पर राजनीति भी गर्म है। लेकिन यहां पर मुख्य मुद्दा ये है कि क्या वॉट्सऐप के जरिए आप पर भी नजर रखी जा सकती है। दुनियाभर में WhatsApp का इस्तेमाल करने वालों की संख्या करीब 1.5 अरब है और भारत में सबसे ज्यादा करीब 40 करोड़ लोग WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में आपकी गोपनीयता को सुरक्षित रखने का दावा करने वाला वॉट्सऐप पर कितना भरोसा किया जा सकता है ये आप खुद ही तय करें।


फोन में ना घुस पाए जासूस, क्या करें?


- फोन में सिर्फ जरूरत के App Install करें
- फोन में गुमनाम App कभी Install नहीं करें
- बेकार App को मोबाइल से तुरंत हटाएं
- ज्यादा इस्तेमाल वाले App पर भी नजर रखें
- App के अजीब बर्ताव पर सावधान हो जाएं
- अजीब बर्ताव पर फोन में बेतुके विज्ञापन दिखेंगे
- गमिंग, पॉर्न, फोटो App के जरिए ज्यादा अटैक
- हमेशा सुरक्षित प्लेटफॉर्म से ही App Install करें
- सिर्फ Play Store, iOS जैसे प्लेटफॉर्म App Install
- मोबाइल में एंट्री वायरस भी डालना जरूरी


किस सॉफ्टवेयर से जासूसी?


इजरायल की NSO Group पर हैकिंग का आरोप लगा है। इसके लिए Pegasus नाम के स्पाईवेयर का इस्तेमाल हुआ है। इसके जरिए दुनियाभर के 1400 लोगों की जासूसी की गई है। Pegasus सॉफ्टवेयर 2016 में चर्चा में आया था। एंटी वायरस फर्म Kaspersky ने ये खुलासा किया था। Kaspersky ने कहा था Pegasus जासूसी सॉफ्टवेयर है।


Kaspersky ने क्या कहा था?


- Pegasus से सभी तरह के फोन हैकिंग संभव
- iPhone-iPad, Android फोन हैकिंग संभव
- Pegasus के जरिए फोन पर 24 घंटे नजर संभव
- यूजर्स को इस सॉफ्टवेयर की भनक भी नहीं लगती
- Pegasus पूरी तरह फोन को कब्जे में ले सकता है


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