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PM के बयान से सुर्खियों में खान मार्केट, क्या है खास

प्रकाशित Thu, 16, 2019 पर 12:04  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खान मार्केट गैंग का जिक्र करके दिल्ली के खान मार्केट को सुर्खियों में ला दिया है। लेकिन विवादों से अलग खान मार्केट की एक अलग पहचान है जो सालों से बनी है। पॉलिटिशियन हो या बिजनेसमैन या कोई सेलिब्रिटी सबका पसंदीदा है खान मार्केट। देखते हैं कि कैसे सालों में धीरे-धीरे खान मार्केट इतना खास हो गया।


बड़े ब्रांड्स कैफे, रेस्टोरेंट और मंहगी गाड़ियों से आए लोग। शॉपिंग करते सेलिब्रिटीज, बिजनेसमैन, पॉलिटिशियंस और बाहर खड़े उनके सुरक्षाकर्मी यही सब तो मिलकर खान मार्केट को खास बनाते हैं। सेलिब्रिटी बिजनेसमैन और पॉलिटिशियंस का ये फेरवेट शॉपिंग डेस्टिनेशन बहुत महंगा भी है। दुकानों के रेंटल के मामले में खान मार्केट देश का सबसे मंहगा बाजार है। शापिंग या खाना पीना यहां हर बड़ा ब्रांड मौजूद है। किसी वक्त खान चाचा के सीक कबाब और टिक्का खाने लोग यहां दूर दूर से आते थे। मगर अब यहां कई रेस्तरां और बार भी खुल गए हैं।


लेकिन खान मार्केट की पहचान महंगी दुकानें नहीं हैं। इसकी असल पहचान है इसकी इंटेलेक्चुअल छाप। यहां सेलिब्रिटी पॉलिटिशियंस से लेकर जाने-माने लेखक और पत्रकार अक्सर शॉपिंग करते या घूमते मिल जाएंगे। कोई किताब खरीद रहा होगा तो कोई कैफे में बातचीत कर रहा होगा। खान मार्केट लुटियंस जोन से लगा इलाका है इसलिए अकसर इस पर आरोप लगता है कि ये राजनीति और कॉरपोरेट जगत के लॉबिस्टों का अड्डा है। प्रधानमंत्री की तरफ से खान मार्केट गैंग जुमले का इस्तेमाल इसी वर्ग के लिए किया गया।


65 साल पुराने इस बाजार का नाम खान अब्दुल गफ्फार खान के नाम पर रखा गया था। 10 जनपथ खान मार्केट से करीब एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर ही है। कहा जाता है कि वर्षों से गांधी परिवार के लिए ये फेरवेट शॉपिंग डेस्टिनेशन है। चुनाव के समय में तो यहां के कैफै और रेस्त्रां में गहमा-गहमी बहुत बढ़ जाती है। चुनाव के वक्त यहां के कैफे, रेंस्ट्रां, बार जैसी जगहों पर सियासत से जुड़े पावरफुल ब्रोकर्स की मीटिंगों का नज़ारा आम हो जाता है।


हालांकि अब खान मार्केट धीरे-धीरे युवाओं के हैंगआउट की जगह भी बनती जा रही है। मार्क्स एंड स्पेंसर्स, Vero Moda, रीबॉक, बेनेटन, गुडअर्थ जैसे नामी ब्रैंड्स के यहां स्टोर खुले हुए हैं। वैसे किताबों के शौकीनों के लिए भी खान मार्केट अच्छी जगह है।


राजनीति से अलग खान मार्केट की एक अलग पहचान है। यहां की अधिकतर दुकाने दशकों पुराने हैं और दुकानदार अपने ग्राहकों को कई सालों से जानते हैं। चुनावी मौसम में खान मार्केट भले ही चर्चा में हो लेकिन ग्राहकों के लिए यह वो बाजार हैं जहां वो अपनापन महसूस करते हैं।