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जानिए नोटबंदी के 3 साल बाद लोगों की क्या है राय

इस सर्वे में तकरीबन 50,000 लोगों ने हिस्सा लिया।
अपडेटेड Nov 08, 2019 पर 14:30  |  स्रोत : Moneycontrol.com

8 नवंबर रात 8 बजे की यादें शायद है सबको याद होगी। वो शाम एक ऐसी शाम थी, जिसे शायद ही कोई भुलाना चाहे। एक झटके में पीएम मोदी ने 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट को कागज का टुकटा करार दे दिया था। यानी सरकार ने अचानक से नोटबंदी की घोषणा कर दी। इसके पीछे सरकार ने तर्क दिया कि इससे काला धन, आतंकवाद, जमाखोरी, नकली नोट हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे।


इससे देश पर आर्थिक रूप से क्या असर पड़ा। इस पर एक LocalCircles ने सर्वे किय़ा गया है, जिसमें लोगों की मिश्रित राय सामने आई है।


आइये जानते हैं कि सरकार के इस स्टेप से क्या है लोगों की राय


LocalCircles के एक सर्वे के मुताबिक, तकरीबन 32 फीसदी लोगों का मानना है कि नोटबंदी की वजह से असंगठित क्षेत्र में लोगों को कमाई पर नुकसान हुआ है। वहीं 28 फीसदी लोगों का मानना है कि नोटबंदी की वजह से कुछ खास निगेटिव असर नहीं पड़ा।
 
इस सर्वे में पूरे देश से तकरीबन 50,000 लोगों ने हिस्सा लिया।


इस सर्वे में सबसे अधिक 42 फीसदी लोगों का मानना है कि नोटबंदी की वजह से टैक्स चोरी का पता चला है, जबकि 25 फीसदी लोगों का मानना है कि सरकार के इस कदम से कोई फायदा नहीं हुआ है।


इसमें 21 फीसदी लोगों का मानना है कि नोटबंदी से ब्लैकमनी में कमी आई है और 12 फीसदी लोगों का मानना है कि इससे टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी हुई है।


500 और 1000 रुपये के नोटों के रूप में 15.41 लाख करोड़ रुपये में से 99.3 फीसदी यानी 15.31 लाख करोड़ रुपये बैंकिंग सिस्टम में वापस आ गए हैं। केवल 10.720 करोड़ रुपये बैंकिंग सिस्टम में नहीं आ पाए हैं।


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