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मजदूरों के हितों का पूरा ख्‍याल, लेबर रिफॉर्म से इंडस्ट्री को मिलेगी राहत: शिवराज सिंह चौहान

मध्यप्रदेश सरकार ने मंडियों को लेकर बड़े बदलाव किए हैं। सरकार किसानों के खेत से ही उपज खरीदने को बढ़ावा दे रही है।
अपडेटेड May 11, 2020 पर 08:33  |  स्रोत : Moneycontrol.com

मध्यप्रदेश में लेबर लॉ में बदलाव किया गया है। इस पर न्यूज 18 डिजिटल  से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्सक्लूसिव बातचीत की है। उन्होंने इसे इंडसट्री और लेबर दोनों के लिए बड़ी राहत की बात बताया है। उन्होंने कहा कि जहां इससे मजूदरों को 12 घंटे  के शिफ्ट में सैलरी दोगुनी मिलेगी तो वहीं  इंडस्ट्री को भी फायदा होगा। उन्होंने आगे कहा कि श्रम कानूनों में बदलाव करने से मध्‍य प्रदेश में (Madhya Pradesh)उद्योगों की स्‍थापना और फैक्‍टरियों के कामकाज के तरीके में तेजी आएगी. इन सुधारों से मजदूरों की दशा सुधरेगी और इंस्‍पेक्‍टर राज का खात्‍मा होगा। इन सुधारों से मजदूरों का कोई अहित नहीं होगा। मजदूरों की 8 घंटे की शिफ्ट को बढ़ाकर 12 घंटे किए जाने को लेकर भ्रम की आवश्‍यकता नहीं है। यह मजदूरों की मर्जी पर है कि वे ओवरटाइम करना चाहते हैं या नहीं। जो मजदूर 8 के बजाय 12 घंटे ड्यूटी करेंगे, उन्‍हें दोगुना वेतन मिलेगा। मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan)ने न्‍यूज18 हिंदी डिजिटल (New18 Hindi Digital)के साथ स्‍काइप के जरिये किए गए इंटरव्यू में यह बात कही है।


इस सवाल पर कि मजदूरों के काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 12 कर देने से क्‍या मजदूरों के शोषण का द्वार नहीं खुल जाएगा, चौहान ने कहा कि ऐसा नहीं है। मजदूर को आजादी है कि वह 8 घंटे काम करने के बाद ओवरटाइम करना चाहता है या नहीं। अगर वह 12 घंटे काम करता है तो उसे दोगुना वेतन मिलेगा। श्रम न्‍यायालय के दायरे में आने वाली कंपनियों के लिए 100 कर्मचारी की संख्‍या को बढ़ाकर 300 कर्मचारी कर देने से क्‍या ज्‍यादातर छोटी कंपनियों के कर्मचारी न्‍याय से वंचित नहीं हो जाएंगे, इस सवाल पर मुख्‍यमंत्री ने कहा कि मजदूरों के लिए न्‍याय के दरवाजे खुले हैं। यह व्‍यवस्‍था इसलिए की गई है कि छोटे-छोटे मामले अदालत में जाने से फैक्‍ट्री मालिक काम कम और अदालतबाजी में ज्‍यादा फंस जाता है।


मध्यप्रदेश सरकार ने मंडियों को लेकर बड़े बदलाव किए हैं। सरकार किसानों के खेत से ही उपज खरीदने को बढ़ावा दे रही है। किसानों के मुद्दे पर भी न्यूज 18 डिजिटल  से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्सक्लूसिव बातचीत की है।


एक बड़ा बदलाव आपने अनाज के मंडियो के लेकर किया है। इस बदलाव से किसानों को क्या फायदा होगा और क्या चुनौतियां आएगी ? न्यूज 18 डिजिटल के इस सवाल पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों को अनाज बेचने के लिए विकल्प देना चाहिए। मंडी  किसानों से बहुत दूर होती है। व्यापारी किसनों से उनके खेत से अनाज खरीद सकता है। किसान चाहें तो किसी को भी अपना सामान बेच सकते हैं। व्यापारियों को लाइसेंस दिया जाएगा जिससे वो कहीं से भी आनाज खरीद सकेंगे। ऑन लाइन ट्रेडिंग की स्वीकृति भी दी गई है। इससे किसानों को फायदा होने के साथ बेहतर दाम भी मिलेगा।


आपके पिछले कार्यकाल में मध्यप्रदेश को 7 बार कृषि अवॉर्ड मिला। क्या आपको लगता है कि इस लॉकडाइन में ये बरकरार रहेगा ? इस सवाल पर उन्होंनें कहा कि कृषि में कोई समस्या नहीं है। मध्यप्रदेश में बंपर उत्पादन हुआ है। अभी तक किसानों से 55 लाख मैट्रिक टन की खरीद हो गई है। हमने सिंचाई को  दुरूस्त किया है। किसानों के हाथ में अब पैसा भी आ रहा है।




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