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आईटी इंडस्ट्री: नौकरी नहीं, स्किल की कमी

प्रकाशित Mon, 12, 2018 पर 11:30  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आईटी इंडस्ट्री में काम करने वालों के बीच इन दिनों एनिमेशन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स या ऐसी किसी भी नई टेक्नोलॉजी के नाम खौफ है। लोगों को लगता है कि इनकी वजह से नौकरियां जाएंगी। लेकिन हकीकत ये है कि नई टेक्नोलॉजी में नौकरियों के बड़े मौके हैं और स्किल वाले लोगों की कमी है।


जॉब वेबसाइट इनडीड के मुताबिक देश में हर साल 10 लाख इंजीनियरिंग ग्रेजुएट निकलते हैं। इन तमाम लोगों को एसटीईएम यानि साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथेमेटिक्स का क्षेत्र में नौकरी चाहिए होती है। मगर स्किल सेट और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच अंतर के चलते सबको नौकरी नहीं मिल पाती और जरूरत और स्किल का ये अंतर बढ़ रहा है।


इनडीड के मुताबिक जनवरी 2014 में एसटीईएम क्षेत्र में स्किल टैलेंट की 6 फीसदी कमी थी जो तीन साल में बढ़कर 12 फीसदी हो गई है। जानकारों का मानना है कि जल्दी से जल्दी इस पर काम करना शुरु करना चाहिये। सबसे ज्यादा जरुरी है कि लीडरशिप लेवल पर ज्यादा रीस्किलिंग और ट्रेनिंग की जाए ताकि वो आपने साथ काम करने वालों को ट्रेन कर सकें।


जानकारों के मुताबिक इंडस्ट्री को भी ये बात समझनी चाहिए कि पहले से स्किल्ड वर्कफोर्स नहीं मिलेगा। लेकिन सरकार इसमें बड़ी भूमिका निभा सकती है। सरकार अगर जल्दी रेगुलेशन लाएगी तो इंडस्ट्री को सपोर्ट मिलेगा।


सरकार और कॉरपोरेट्स के अलावा ये भी बहुत जरुरी है कि फ्रेशर्स को उनकी शिक्षा से आत्मविश्वास मिले जो उनके कॉलेज दे सकते हैं। इसके लिये पाठ्यक्रम को नई टैकनोलजी के हिसाब से ढालना होगा ताकि वो थोडी सी ट्रेनिंग से जॉब रेडी हो जाएं।