Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

आवाज आंत्रप्रेन्योर में जानें, B2B में कैसे शुरू करें रुफटॉप सोलर का कारोबार

rooftop सोलर पावर स्ट्रक्चर जैसे लॉन्ग टर्म प्रोडक्ट की क्वालिटी बढ़िया होना भी अहम है।
अपडेटेड Aug 25, 2019 पर 14:43  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

ग्लोबल वार्मिंग की बात हमने काफी सुनी हैं लेकिन हाल में इसका impact लोगो को दिखने लगा हैं। चाहे वो इस साल की heat wave हो, बाढ़ का प्रकोप हो या ग्लेशियर का गायब होना। प्रकृति के इस तांडव को कम करने के अनेक solutions में से एक है ग्रीन एनर्जी का इस्तेमाल। कुल एनर्जी consumption का ज्यादा से ज्यादा हिस्सा रिन्युअबल एनर्जी की तरफ ले जाने पर आज कई स्टार्टअप्स काम कर रहे है।


पुणे की Sunshot Technologies B2B सेगमेंट में रुफटॉप सोलर सोल्यूशंस का जाना माना नाम है। कैसे शुरू हुआ कंपनी का सफर और क्या कंपनी के ग्रोथ प्लान ये बताने के सीएनबीसी-आवाज़ के साथ कल्पिता पारकर जुड़ रहीं हैं।


सरकार ने रूफ टॉप सोलर प्रोजेक्ट को आकर्षक बनाने के मकसद से State Rooftop Solar Attractiveness Index यानी SARAL को इसी हफ्ते लांच किया है,  इसमें रूफ टॉप सोलर में कौन से राज्यों ने कितना बेहतर काम किया उस आधार पर उनकी रैंकिंग की जाएगी। उम्मीद है सरकार की इस पहल से सेक्टर को और बूस्ट मिलेगा।


रिन्यूएबल एनर्जी की अहमियत समझते हुए और इस सेक्टर में उभरने वाले कारोबार के मौके को तराशने के लिए 2010  Sunshot Technologies की शुरूआत हुई। Rahul Dasari, Indrajeet Dudile और Anshumaan Bhatnagar इन दोस्तों ने मिलकर wind Energy से काम की शुरुआत की। साथ ही कंपनी B2B क्लाएंट के साथ carbon emissions कम करने पर फोकस बनाए हुए थी। ये वो समय था जब भारत में सोलर पावर का इस्तेमाल काफी शुरूआती दौर था।


फाउंडर्स ने वक्त से पहले भविष्य में आने वाली जरुरतों की ओर अपना रुख मोड दिया 2014 में सनशॉट ने rooftop solar power plant solutions के तौर पर बाजार में अपने सोल्यूशंस उतारे। rooftop solar  solutions का टार्गेट भी commercial and industrial क्लाएंट्स पर ही कायम रखा गया।


ग्राहकों को सोलर पावर का फायदा भले ही बड़ी तादाद में दिखे लेकिंन इसमें शुरूआती निवेश भी भारी करना पड़ता है। ग्राहकों को फाइनेंशियल फ्लेक्सिबलीटी देने के लिए कंपनी के दो बिजनेस मॉडल्स है।


इस Capital intensive बिजनेस में कस्टमर एक्विजिशन काफी बड़ा चैलेंज है, आज भले ही इनकी क्लाएंट लिस्ट में  70 से ज्यादा commercial और industrial दिग्गज नाम शामिल हो, लेकिन इस मकाम पर पहुंचने के लिए कंपनी की 7-8 सालों की मेहनत है। सोलर प्लांट्स लगाने के लिए फंड की availablity इस स्पेस की सबसे बड़ी दिक्कत है, साथ ही इंडस्ट्री ग्रीन एनर्जी के लिए रेग्युलेशंस को लेकर दिक्कतें झेल रही है।


इसके अलावा rooftop सोलर पावर स्ट्रक्चर जैसे लॉन्ग टर्म प्रोडक्ट की क्वालिटी बढ़िया होना भी अहम है। इस फ्रंट पर कंपनी ने फोकस करते हुए सोलर पावर स्ट्रक्चर manufacturing की शुरुआत की और आज इनका ब्रांड PVFix, ना सिर्फ खुद के क्लाएंट्स के लिए स्ट्रक्चर बनाती है बल्की बाजार में बेचती भी है । साथ ही पावर कंजमशन को ट्रैक करने के लिए कंपनी ने डिजिटाइशेन platform बनाया है।


अब तक कंपनी देश भर में 40-45 mega walt कैपेसिटी के roof top solar installed कर चुकी है जिससे 58,877,578 Units of energy जेनरेट हो चुकी है। साथ ही asset mgmt और Operation Maintenance के लिए 10 राज्यों में 175 sites पर कंपनी plants लगा चुकी है।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।