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ओला, उबर जैसे एग्रीगेटर्स के लिए लाइसेंस अनिवार्य, किराए का 80 प्रतिशत ड्राइवर को मिलेगा

सरकार की नई गाइडलाइंस के बाद ओला, उबर जैसे एग्रीगेटर्स के लिए लाइसेंस अनिवार्य हो गया है। केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइंस नोटिफाई की है।
अपडेटेड Nov 29, 2020 पर 17:46  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

केंद्र सरकार ने ओला और उबर जैसे कैब एग्रीगेटर्स के लिए गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इन गाइडलाइंस के मुताबिक एग्रीगेटर्स को राज्य सरकार से लाइसेंस लेना जरूरी होगा। साथ ही राज्य अब किरायों को भी तय कर सकेंगे।


सरकार की नई गाइडलाइंस के बाद ओला, उबर जैसे एग्रीगेटर्स के लिए लाइसेंस अनिवार्य हो गया है। केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइंस नोटिफाई की है। इसके अनुसार अब ड्राइवर को किराए की 80 प्रतिशत रकम मिलेगी। इसके बाद एग्रीगेटर 20 प्रतिशत से ज्यादा चार्ज नहीं कर सकेगा। इसमें बेस किराया 3 किलोमीटर का होगा।


नये नियमों के तहत एग्रीगेटर बेस किराए पर 50 प्रतिशत तक छूट दे सकता है। एग्रीगेटर मात्र 1.5 गुना सरचार्ज वसूल सकता है। ड्राइवर ट्रिप रद्द करता है तो किराए का 10 प्रतिशत देना होगा।
केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइंस जारी करते हुए ये स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार एग्रीगेटर्स को लाइसेंस देंगी। राज्य सरकार द्वारा जारी लाइसेंस 5 साल के लिए मिलेगा। इससे पहले एग्रीगेटर की कोई परिभाषा नहीं थी।


नई गाइडलाइंस में कहा गया है कि राज्य सरकारें केंद्र की गाइडलाइंस को अपना सकती हैं। इतना ही नहीं सरकार लाइसेंस के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट ले सकती हैं। इसमें ये भी स्पष्ट किया गया है कि गाड़ी चलाने के लिए ड्राइवर के लिए 2 साल का अनुभव अनिवार्य होगा।


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