Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

चंद्रयान में बाकी है जान, विक्रम लैंडर सुरक्षित: ISRO

चंद्रयान 2 के लिए आज ISRO ने एक उम्मीद की किरण देखी है।
अपडेटेड Sep 10, 2019 पर 13:33  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

लैंडर विक्रम भले ही कुछ समय के लिए ISRO के नेटवर्क से बाहर हो गया है, लेकिन अभी भी जो भी खबरें आई रही हैं, वो भारत के लिए राहत भरी खबरें हैं। ISRO के मताबिक ऑर्बिटर ने जो इमेज भेजी उसमें लैंडर विक्रम पूरी तरह से सुरक्षित है। हार्ड लैंडिंग के बावजूद भी उसको एक भी खरोच नहीं आई है। यानी कोई टूट फूट नहीं हुई है। लैंडर विक्रम पूरी तरह से सलामत है। ISRO की टीम लैंडर विक्रम के साथ संपर्क स्थापित करने की कोशिश में लगी हुई है।


कल रविवार को ISRO ने अपने बयान जारी कर कहा था कि लैंडर विक्रम की लोकेशन ट्रेस हो गई है। संपर्क साधने की कोशिश जारी है। 978 करोड़ रुपये की लागत वाले चंद्रयान -2 का मिशन अभी जारी है। ISRO का कहना है कि लैंडर विक्रम से संपर्क साधने की कोशिश 14 दिन तक करेगें। जिसमें 2 दिन निकल गए हैं। अब केवल 12 दिन बचे हैं।


ISRO ने कहा कि लैंडर विक्रम एक तरफ झुका दिखाई दे रहा है। लिहाजा कम्युनिकेशन लिंक वापस जोड़ने के लिए लैंडर का ऐंटीना ऑर्बिटर या ग्राउंड स्टेशन की दिशा में होना जरूरी है। इससे पहले जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में गुम हो चुके स्पेसक्राफ्ट का पता लगाया है, लेकिन यह उससे काफी अलग है।  


वहीं इस मामले में ISRO के एक अन्य अधिकारी का कहना है कि जब तक लैंडर सही नहीं होगा, तब तक संपर्क स्थापित करना मुश्किल है। अगर सॉफ्ट लैंडिंग हुई हो, सब कुछ ठीक होगा, तभी दोबारा संपर्क स्थापित होने की संभावना है।


फिलहाल ISRO के टेलीमिट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क के वैज्ञानिक दिन रात संपर्क स्थापित करने में जुटे हुए हैं।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।