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पहरेदारः मेक माय ट्रिप ने तोड़ा ग्राहक का विश्वास

प्रकाशित Sat, 06, 2018 पर 15:58  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सीएनबीसी-आवाज़ पर आने वाला टीवी का सबसे बड़ा कंज्यूमर शो पहरेदार ग्राहक की आवाज़ बुलंद करता है और लड़ता है ग्राहक के हक की लड़ाई। जब कंपनियों की मनमानी के सामने कंज्यूमर झुकने लगता है, तब उनके हक की आवाज़ लेकर पहरेदार करता है कंपनी से सवाल और कंपनी को देना होता है जवाब।


पहरेदार के जरिए उन लोगों को इंसाफ मिल पाता है जो कंपनियों के अड़ियल रवैये के चलते उन जरूरी सर्विसेज से महरूम रह जाते हैं जो उनका हक है। पहरेदार उन कंपनियों को भी सबक सिखाता है जो वादे तो कर देती हैं लेकिन उन्हें पूरे करने में आनाकानी करती हैं।


मेक माय ट्रिप के साथ भानु प्रताप सिंह का तजुर्बा काफी खराब रहा है। कंपनी की वजह से बहुत परेशानी उठानी पड़ी है। पैकेज की बुकिंग के बाद पत्नी की तबीयत खराब हुई। डॉक्टर ने पत्नी को सफर करने से मना कर दिया, जिसके बाद डॉक्टर की सलाह पर भानु को अपनी ट्रिप को रद्द करना पड़ा। मेक माय ट्रिप ने होटल और एयरलाइंस से बात करने की बात कही। कई दिनों तक कंपनी की ओर से कोई फोन नहीं आया।


कंपनी के मैनेजमेंट को कई बार ई-मेल किया। कैसिलेशन पॉलिसी के नियमों से कंपनी ने इनकार कर पूरे रिफंड देने से इनकार कर दिया। हालांकि कुछ दिनों बाद कंपनी वने पैकेज की 50 फीसदी रकम अदा कर दी है। नियमों के तहत एक महीने से पहले कैसिलेशन पर 25 फीसदी रिफंड काट कर दिया है।


भानु प्रताप सिंह ने आगे बताया कि कंपनी केनियमों के तहत मेडिकल हालात से पूरा रिफंड मिलना चाहिए था। पत्नी ने मेक माय ट्रिप को मेडिकल दस्तावेज भी ई-मेल किए थे।


कंज्यूमर एक्टिविस्ट एस के विरमानी का कहना है कि एक तरफा कॉन्ट्रैक्ट नजर आ रहा है। ग्राहक ने समय रहते ही ट्रिप को रद्द करने का फैसला लिया था। ऐसे में कंपनी को ग्राहक को परेशान नहीं करना चाहिए। इस पूरे प्रकरण का कंज्यूमर फोरम में केस किया जा सकता है। एस के विरमानी के मुताबिक मेक माय ट्रिप को ग्राहक का पैसा लौटाना चाहिए। पर्यटन मंत्रालय में शिकायत दर्ज करनी चाहिए।