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कश्मीर के विकास के लिए मेगा प्लान, चौतरफा विकास के लिए होगा काम

अनुच्छेद 370 को हटाए एक महीना बीत चुका है और अब कश्मीर में विकास को गति देने की पूरी तैयारी हो चुकी है।
अपडेटेड Sep 06, 2019 पर 11:32  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अनुच्छेद 370 को हटाए एक महीना बीत चुका है और अब कश्मीर में विकास को गति देने की पूरी तैयारी हो चुकी है। मोदी सरकार ने कश्मीर के विकास के लिए एक रोडमैप तैयार किया है जिसके आधार पर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को विकसित किया जाएगा। न्यूज़18 नेटवर्क के पास इस रोडमैप की पूरी जानकारी है। पिछले एक महीने में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सरकार कामयाब रही, किसी बड़ी घटना की कोई ख़बर घाटी से नहीं मिली। ऐसे में अब मोदी सरकार विकास के ज़रिए दोनों केंद्र शासित प्रदेशों की तस्वीर बदलने की तैयारी में है।


विकास के इस ब्लूप्रिंट में 10 अलग-अलग मंत्रालय और विभाग अपना किरदार निभाएंगे। सभी मंत्रालयों को कश्मीर के विकास के लिए अलग-अलग ज़िम्मेदारी दी गयी है।


गृह मंत्रालय


सूत्रों ने न्यूज़18 नेटवर्क को बताया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से BSF और CRPF की एक-एक बटालियन तैयार की जाएगी। इन बटालियनों में दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं को भर्ती किया जाएगा। साथ ही अन्य राज्यों में पुलिसकर्मियों को मिल रहे लाभ को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी लागू किया जाएगा। अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में सरकारी कर्मचारियों को मिल रही सुविधाएं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी सरकारी कर्मचारियों को मिलेंगी। 7वें वेतन आयोग को भी वहां लागू किया जाएगा।


कैबिनेट सचिवालय


3 से 5 पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग यानी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की पहचान की जाएगी और इनके यूनिट जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में खोले जाएंगे।


ऊर्जा मंत्रालय


दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली की कीमतों को भी कम करने पर विचार होगा। इसके लिए ऊर्जा मंत्रालय इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड से चर्चा करेगा और दोनों प्रदेशों में बिजली की कीमतों को कम करने पर विचार-विमर्श करेगा।


स्वास्थ्य मंत्रालय


दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मज़बूत करने के लिए देशभर के प्रसिद्ध स्वास्थ्य संस्थानों की पहचान की जाएगी। इन संस्थानों से जम्मू-कश्मीर में भी शाखा खोलने के लिए कहा जाएगा।


मानव संसाधन मंत्रालय


शिक्षा क्षेत्र पर भी मोदी सरकार का ज़ोर रहेगा। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय देशभर के प्रसिद्ध संस्थानों की पहचान करेगा। इन शिक्षा संस्थानों से जम्मू-कश्मीर में भी शाखा खोलने के लिए कहा जाएगा। साथ ही राज्य में शिक्षा के अधिकार को लागू भी किया जाएगा।


नीति आयोग


दोनों प्रदेशों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीति आयोग, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग यानी DPIIT के साथ मिलकर एक इन्वेस्टर सम्मेलन का आयोजन करेंगे। सूत्रों के अनुसार इस सम्मेलन का आयोजन अगले महीने किया जाएगा।


वित्त मंत्रालय


दोनों केन्द्र शासित प्रदेशों में बड़ी इंडस्ट्रीज़ को लाया जाएगा ताकि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख का विकास हो सके। इन इंडस्ट्रीज को भी जम्मू-कश्मीर में काम शुरू करने के लिए रियायत दी जाएगी। सूत्रों ने न्यूज़18 से कहा कि इन इंडस्ट्रीज़ को 7 साल तक टैक्स से छूट दी जाएगी। सिर्फ इतना ही नहीं इन इंडस्ट्रीज़ को GST से भी तीन साल के लिए छूट दी जाएगी। साथ ही लद्दाख के लिए वित्त मंत्रालय विशेष डेवलोपमेन्ट पैकेज की घोषणा भी करेगा।


पर्यटन मंत्रालय


जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पर्यटन ही सबसे बड़ी इंडस्ट्री है जो सबसे अधिक रोज़गार देता है। पर्यटन क्षेत्र को और मज़बूत करने के लिए पर्यटन मंत्रालय दोनों प्रदेशों को और आकर्षक बनाने पर काम करेगा, वहीं लद्दाख में एडवेंचर, स्पिरिचुअल और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने पर भी काम करेगा।


नवीन और नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय


लद्दाख में सोलर ऊर्जा में निजी निवेश को लेकर नवीन और नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय योजना तैयार करेगा।


खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय


जम्मू कश्मीर में निजी निवेश आकर्षित करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय नीतियां बनायेगा। इस उद्योग में निर्यात केंद्रित स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दिया जायेगा।


कश्मीर के विकास के लिए बैठकों का दौर



27 अगस्त को गृह सचिव अजय कुमार भल्ला की अध्यक्षता में कश्मीर पर चर्चा हुई जिसमें केंद्रीय मंत्रालयों के सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हुए थे। गृहमंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय योजनाओं को लागू करने पर चर्चा हुई और हालात सामान्य करने पर भी विचार हुआ।


 


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