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Merry Christmas!साल 2020 का गुरु मंत्र, सही असेट एलोकेशन से आप खुद लिख सकते हैं अपनी किस्मत

पोर्टफोलियों में सही प्रोडक्ट के मिक्स से बाजार के उथल-पुथल से निपटना आसान हो जाता है।
अपडेटेड Dec 26, 2020 पर 12:05  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

Dhani Services Ltd.


पोर्टफोलियों में सही प्रोडक्ट के मिक्स से बाजार के उथल-पुथल से निपटना आसान हो जाता है। सही असेट एलोकेशन को फाइनेंशियल एडवाइजर लंबे समय से समृद्धि का मंत्र मानते आए हैं। इस रणनीति को पोर्टफोलियो के डाइवर्सिफिकेशन के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ऐसा मूल मंत्र है जो आपके फाइनेंशियल गोल को हासिल करने में अहम भूमिका अदा करता है। निवेश की इस रणनीति का सबसे बड़ा महत्व निश्चित रूप से कोविड-19 महामारी के संकट के समय देखने को मिला है। हमने पाया है कि जिन्होंने अपने पोर्टफोलियों असेट एलोकेशन सही तरीके से किया है। वो समय से पहले क्रिसमस गिफ्ट पा गए हैं। आइये हम ये समझने की कोशिश करते हैं कि ऐसा कैसे हुआ ?


2020 : इक्विटीज के लिए उतार-चढ़ाव वाला साल


इक्विटी के लिए यह साल बहुत ही उतार-चढ़ाव भरा रहा है। मार्च के महीने में बाजार औंधे मुंह (40 फीसदी) गिर गया। जिसकी वजह से सालों से कमाया पैसा एक झटके में उड़ गया। इसके बाद अप्रैल में बाजार में 19 फीसदी की बढ़त दिखी। उसके बाद से बाजार तेजी से रिकवर हुआ है। हाल के महीनों में अहम इंडेक्स ने रिकॉर्ड हाई पर हाई बनाए हैं। अगर हम पिछले 2 महीनों पर नजर डालें तो ग्लोबल इक्टिवटी मार्केट में नवंबर में जोरदार बढ़त देखने को मिली है। इसकी वजह बड़ी दवा बनाने वाली कंपनियों की तरफ से कोरोना वैक्सीन को लेकर आने वाले पॉजिटिव संकेत रहे हैं। सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल का मतलब ये है कि दिग्गज कंपनियों के लार्ज कैप स्टॉक्स जीत का घोड़ा साबित हुए हैं और इनको अपने पोर्टफोलियों में रखने से बेहतर रिटर्न मिला है।


मिड और स्मॉल कैप ने भी मचाया धमाल


हालांकि सेंसेक्स और निफ्टी का बुल रन सुर्खियों में रहा। लेकिन पिछले 2 महीनों में जो एक बड़ी बात उभर कर आई है वो ये है कि बाजार के बुल रन में मिड और स्मॉल कैप कंपनियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया है। खासकर नवंबर महीने में इन्होंने जमकर धमाल मचाया। नवंबर में मिडकैप ने 25 फीसदी और स्मॉल कैप ने 13 फीसदी का रिटर्न दिया। मिड कैप और स्मॉल कैप दोनों ही सूचकांकों ने नवंबर महीने में निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया। बता दें कि नवंबर में निफ्टी ने 11 फीसद की बढ़त दिखाई थी।


सामान्य तौर पर मिड और स्मॉल कैप ने निवेश की सलाह चेतावनी के साथ आती है। यह माना जाता है कि मिड और स्मॉल कैप कंपनियों के साथ ज्यादा अनिश्चितता जुड़ी रहती है। जबकि लॉर्ज कैप कंपनियों में निवेश ज्यादा सुरक्षित होताा है। लेकिन सच्चाई यह है कि जिन लोगों की जोखिम लेने की क्षमता अधिक रही होगी जिन्होंने अपने पोर्टफोलियो में मिड और स्मॉल कैप शेयरों को जगह दी होगी। उन्हें काफी अच्छा फायदा हुआ होगा। बाजार में यह समय मिड और स्मॉल कैप के अच्छे शेयरों में पैसे लगाने का बेहतर मौका दे रहा है। आगे चलकर भी नियर टर्म में हमें मिड और स्मॉल कैप शेयरों में अच्छी बढ़त देखने को मिल सकती है।


बुरे दौर में सोना बना तारणहार


इस साल सोने ने तमाम निवेश विकल्पों की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। सोने को सदैव बाजार के उतार-चढ़ाव से निपटने के टूल के तौर पर माना गया है। सोने में 27 फीसदी का उछाल देखने को मिला है जो इसको साफ तौर पर सारे असेट क्लास में विजेता का दर्जा देता है। ग्लोबल इकोनॉमी में व्याप्त अनिश्चितता ने सोने के सेफ हेवन अपील को और पक्का किया है और यह जबरदस्त हेजिंग के टूल के रूप में उभरा है। जिन लोगों ने कोरोना काल में अपने पोर्टफोलियो में सोने को शामिल किया होगा उन्हें जबरदस्त फायदा हुआ होगा। लेकिन एक बात ध्यान रखें कि फिजिकल गोल्ड रखने की तुलना में अपने पोर्टफोलियों में गोल्ड ईटीएफ अथवा सॉवरिंन गोल्ड बॉन्ड रखना ज्यादा बेहतर होता है। क्योंकि फिजिकल गोल्ड के साथ स्टोरेज, शुद्धता, मेकिंग चार्ज जैसी समस्याएं जुड़ी रहती है।


निष्कर्ष


इस सारी कवायद का निष्कर्ष ये है कि जिसने भी अपने पोर्टफोलियो में सही असेट मिक्स रखा था। उसको 2020 में अच्छा फायदा हुआ होगा और वो अपने सेंटा खुद ही बन गया होगाा। लेकिन अगर आप चूक गए हैं तो कोई बात नहीं मौके अभी भी हैं। पोर्टफोलियों में इक्विटी, गोल्ड और दूसरे डेट प्रोडक्ट्स का सही अनुपात अगले साल चीजें आपके अनुकूल बना सकता है। यही नहीं भविष्य में भी आपको बेहतर रिटर्न मिलेगा।




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