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मई में म्यूचुअल फंड्स ने इन स्टॉक्स पर लगाए दांव, क्या इनमें से कोई है आपके पास

म्यूचुअल फंडों के पोर्टफोलियों में टेलीकॉम कंपनियों का हिस्सा लगातार 7 महीने से बढ़ रहा है,
अपडेटेड Jun 18, 2020 पर 15:56  |  स्रोत : Moneycontrol.com

मई महीने में म्यूचुअल फंडों के सेक्टर और स्टॉक एलोकेशन में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। पिछले महीने निफ्टी में हुई 3 फीसदी की गिरावट का फायदा म्यूचुअल फंडो ने चुनिंदा शेयरों को चुनने में उठाया। मई में म्यूचुअल फंडो के खरीद वाले ये शेयर निफ्टी में 52 फीसदी की हिस्सेदारी रखते हैं।


पीएम नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन का 21 लाख करोड़ रुपये का राहत पैकेज बाजार को खुश करने में असफल रहा। इसकी वजह ये रही कि यह पैकेज सप्लाई साइड पर ज्यादा फोकस कर रहा है ना की डिमांड साइड पर। इसके साथ ही कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए निवेशक वेट एंड वॉच के मूड में आ गए हैं।


मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की फंड फोलियों नाम से प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल की तुलना में मई में म्यूचुअल फंडों के पोर्टफोलियो में कंज्यूमर, टेलीकॉम, ऑटो मोबाइल्स, हेल्थकेयर, सीमेंट, टेक्नोलॉजी, मेटल और यूटिलिटिज का वेटेज बढ़ा है जबकि प्राइवेट बैंक, NBFCs, सरकारी बैंक, ऑयल एंड गैस और रिटेल कंपनियों का वेटेज घटा है। इसी तरह म्यूचुअल फंडों के पोर्टफोलियो में डिफेसिव शेयरों का हिस्सा 2 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है।


बाजार में भारी उतार-चढ़ाव का देखते हुए म्यूचुअल फंडों ने सुरक्षात्मक रवैया अपना लिया है। इसके साथ ही फार्मा और FMCG जैसे डिफेसिंव सेक्टर की मांग में कोरोना काल में बढ़त भी देखने को मिली है।


इसके साथ ही म्यूचुअल फंडों के पोर्टफोलियो में मई महीने में खपत से जुड़े शेयरों के वेटेज में 1 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है और ये 9.8 फीसदी के आसपास आ गया है। खपत से जुड़े शेयर म्यूचुअल फंडों के दूसरे पसंदीदा शेयर है।


इसके अलावा म्यूचुअल फंड पिछले 6 महीने से टेलीकॉम सेक्टर को लेकर भी बुलिश मूड में है। कोरोना काल में लगातार बढ़ते डेटा यूजेज से टेलीकॉम कंपनियों को फायदा हो रहा है। म्यूचुअल फंडों के पोर्टफोलियों में टेलीकॉम कंपनियों का हिस्सा लगातार 7 महीने से बढ़ रहा है और ये 3.9 फीसदी के स्तर तक पहुंच गया है।  


म्यूचुअल फंड प्राइवेट बैंकों को लेकर भारी बेरुखी दिखा रहे हैं और इनका वेटेज 3 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। म्यूचुअल फंडों के पोर्टफोलियों में प्राइवेट बैंकों की हिस्सेदारी 16.7 फीसदी पर आ गई है।


फंड हाउसेस की सबसे ज्यादा खरीदारी Hindustan Unilever (65.8 अरब रुपये ), Bharti Airtel (61.4 अरब रुपये ), ITC (18.9 अरब रुपये),  Aurobindo Pharma (9 अरब रुपये) और Cipla ( 7.9 अरब रुपये)। इसके अलावा घरेलू फंडों ने  मई में Zee Entertainment, JSW Steel, Wipro और Bharti Infratel में भी अच्छी खरीदारी की है।


मई महीने में म्यूचुअल फंडों ने  ICICI Bank, SBI , Axis Bank , HDFC Bank, HDFC, Bajaj Finance , Kotak Mahindra Bank और PFC में सबसे ज्यादा बिकवाली की है।


मई महीने में म्यूचुअल फंडों में 5000 करोड़ रुपये का निवेश आया जबकि अप्रैल में 6,213 करोड़ रुपये का निवेश आया था। म्यूचुअल फंडो ने इस पैसे का बड़ा हिस्सा लॉर्जकैप शेयरों में लगाया है।


मई महीने में SIP प्लान में होनेवाले निवेश में लगातार गिरावट देखने को मिली है। मई में  ये 8,120 करोड़ रुपये रहा है जो अप्रैल के आकंड़े से 3 फीसदी नीचे है। मार्च में यह  8,640 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड हाई पर था। मई में  म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का टोटल AUM बढ़कर 24.5 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया जो अप्रैल महीने में  23.9 लाख करोड़ रुपये था।


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