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अंतरिम बजट बनाने में जुट गई नई टीम

प्रकाशित Mon, 03, 2018 पर 16:35  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

2 महीने बाद पेश होने वाले बजट की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। आज से वित्त मंत्रालय में एंट्री पर सख्ती हो गई है। वोट ऑन अकाउंट होने की वजह से इस बार इंडस्ट्री के साथ बारी बारी से सलाह मशविरा भी नहीं किया जा रहा है। इस बार फरवरी में पेश होने वाला बजट मोदी सरकार का आखिरी बजट होगा। इस बार बजट की टीम भी काफी हद तक नई होगी।


बजट टीम के अगुवा होंगे अजय नारायण झा। वित्त सचिव के तौर पर पहला और एक्सपेंडिचर सेक्रेटरी के तौर इनका दूसरा बजट होगा। ये मुद्दों की बारीकियों को समझने में माहिर माने जाते हैं। लेकिन बजट पेश होने के ठीक एक दिन पहले वो रिटायर भी होने वाले हैं। जिनकी जगह लेंगे गुजरात कैडर के गिरीश चंद्र मुर्मू। ऐसे में बजट टीम में मुर्मू की भूमिका भी अहम होने वाली है। बजट टीम में सबकी निगाहें टिकी हैं नए रेवेन्यू सेक्रेटरी ए बी पी पांडे के ऊपर। महज 3 दिन पहले कार्यभार संभालने वाले ए बी पी पांडे की जीएसटी पर तगड़ी पकड़ है। लेकिन ये उनका पहला बजट होगा। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग राजस्थान कैडर के आईएएस हैं और ये उनका दूसरा बजट होगा। हां, टीम में एक औऱ नया चेहरा है गुजरात कैडर के अतानु चक्रवर्ती। सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने में अहम भूमिका निभाने वाले विनिवेश विभाग दीपम के सचिव हैं जिनके ऊपर ना सिर्फ चालू कारोबारी साल में विनिवेश के लक्ष्य पाने का दबाव है बल्कि अगले कारोबारी साल में नया लक्ष्य तय करने की चुनौती भी है।


हालांकि बजट की ये नई टीम आम बजट नहीं बल्कि अंतरिम बजट पेश करेगी। लेकिन आम चुनाव को देखते हुए इस बात का दबाव है कि कुछ बड़े एलान किए जाएं। अगर 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे भाजपा के पक्ष में नहीं रहे तो ये दबाव औऱ ज्यादा बढ़ जाएगा।


चूंकि ये अंतरिम बजट होगा, इसलिए इस बार इंडस्ट्री समेत दूसरे संगठनों के साथ कोई सलाह मशविरा भी किए जाने की संभावना नहीं है। लेकिन गोपनीयता पूरी बरती जा रही है। वित्त मंत्रालय में एंट्री पर भी सख्ती कर दी गई है। जब तक वरिष्ठ अधिकारी लिखित अनुमति ना दें किसी की एंट्री नहीं होगी। वित्त मंत्रालय के भीतर सभी प्रमुख अधिकारियों के कमरे के सामने पुलिस तैनात कर दी गई है। खुफिया विभाग के करीब आधे दर्जन लोग तैनात हो गए हैं और हमेशा की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री कार्यालय की भूमिका बजट बनाने में काफी अहम होने वाली है।