Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

NEWS18 POLL:89.30% लोगों ने किया 59 चीनी ऐप्स पर बैन का समर्थन

भारत और चीन में बढ़ती तनातनी के बीच न्यूज18 ने देश भर में एक ऑनलाइन पोल किया।
अपडेटेड Jul 04, 2020 पर 12:54  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

भारत और चीन में बढ़ती तनातनी के बीच न्यूज18 ने देश भर में एक ऑनलाइन पोल किया। पिछले 30 दिनों में ये तीसरा पोल है। न्यूज18, मनी कंट्रोल, फर्स्टपोस्ट, CNBC-TV18 की वेबसाइट्स और सोशल प्लेटफॉर्म पर ये पोल किया गया। ये पोल 1 से 2 जुलाई के बीच किया गया। पोल में लोगों से कुल 7 सवाल पूछे गए। सर्वे के क्या हाइलाइट्स हैं, आइए जानते हैं।


क्या आप 59 चीनी ऐप्स पर बैन का समर्थन करते हैं? इस सवाल पर पोल में शमिल 89.30 फीसदी लोगों ने कहा कि हां वो इन चीनी ऐप्स पर बैन का समर्थन करते हैं जबकि 7.91 फीसदी लोगों का जवाब नकारात्मक था। पोल में शामिल 2.79 फीसदी लोगों का कहना था कि वे इस विषय पर कुछ कह नहीं सकते।


चीनी ऐप्स डाटा चोरी/जासूसी करते हैं? इस  पर पोल में शमिल 89.30 फीसदी लोगों ने कहा कि हां वो  चोरी/जासूसी करते हैं। 8.56 फीसदी लोगों ने कहा कि नहीं। वहीं, 13.89 फीसदी लोगों ने कहा कि कह नहीं सकते।
 
 ऐप सरकारी नियम मान लें तो बैन हटा लेना चाहिए? इस सवाल पर 31.42 फीसदी लोगों ने कहा कि हां ऐसा होना चाहिए। जबकि 57.18 फीसदी लोगों ने कहा कि ऐप के सरकारी नियम मान लेने पर भी इन पर बैन नहीं हटना चाहिए। जबकि 11.41 फीसदी लोगों की कोई पक्की राय नहीं है।


बैन हट जाएगा तो आप फिर से ऐप इस्तेमाल करेंगे? इस सवाल पर 14.52 फीसदी लोगों ने कहा कि हां वे बैन हट जाने पर इल ऐप्स का फिर से इस्तेमाल करेंगे जबकि 76.69 लोग इसके पक्ष में नहीं हैं। वहीं, 8.78 फीसदी लोगों की इस मुद्दे पर कोई पक्की राय नहीं है।
 
 क्या चीन में बने सामान पर ई-कॉमर्स कंपनियों को बड़े अक्षरों में Made in China लिखना चाहिए? इस सवाल पर 71.77 फीसदी लोगों की राय थी कि  हां ऐसा होना चाहिए। 16.15 फीसदी लोग इसके पक्ष में नहीं हैं। वहीं, 12.08 फीसदी लोगों की राय है कि कह नहीं सकते।


Huawei, ZTE से टेलीकॉम इक्विपमेंट लेने पर बैन होना चाहिए? इस सवाल पर 80.23 फीसदी लोगों की राय बैन लगाने के पक्ष में थी जबकि 11.36 फीसदी लोग इसके पक्ष में नहीं हैं। वहीं 8.42 फीसदी लोगों की इस पर कोई पक्की राय नहीं है।




सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।