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G20 सम्मेलन में निर्मला सीतारमण ने कहा, मंदी के बाद दुनिया में बढ़ेगी ग्रोथ

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा कि ग्लोबल पॉलिसी बनाए जाने के दौरान कोर्डिनेशन बेहद जरूरी है
अपडेटेड Oct 19, 2019 पर 15:21  |  स्रोत : Moneycontrol.com

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण इन दिनों International Monetary Fund (IMF) की सालाना मीटिंग में वॉशिंगटन में है। उन्होंने दुनिया में दोबारा ग्रोथ हासिल करने के लिए जी-20 को आवश्यक बताया। उन्होंने केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक में बोलते हुए कहा कि संकटग्रस्त संशाधन अत्यधिक संकट की स्थिति में पूर्ण विश्वास पैदा नहीं कर सकते। कर्ज लेना कोई समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल पॉलिसी बनाए जाने के दौरान कोर्डिनेशन बेहद जरूरी है। किसी भी घटना की मजबूत उपाय की पहचान करना और और उसका पालन करना महत्वपूर्ण है। इस मीटिंग का फोकस दुनिया की अर्थव्य़वस्था की मौजूदा चुनौतियों और उन्हें कम करने के लिए संभावित प्रतिक्रियाओं पर था।


भारत में संरचानात्मक सुधार को लेकर फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि भारत इस मामले में सतर्क है। उन्होंने अर्थव्यवस्था में गति लाने के लिए कॉरपोरेट टैक्स में कटौती का हवाला देते हुए कहा कि भारत संरचानात्मक सुधारों पर जोर दे रहा है। उन्होंने आगे ये भी कहा कि  स्थाई रूप से फाइनेंशियल कंडीशन को आगे बढ़ाने के लिए Ems को आर्थिक विकास और इन्क्लूसिव डेवलपमेंट हासिल करने के लिए कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।


उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कॉरपोरेट टैक्स को 30 फीसदी से घटाकर 22 फीसदी करने के बाद भारत में इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा। जिससे भारत आज दुनिया के सबसे कम कॉरपोरेट टैक्स लगाने वाले देशों में एक बन जाएगा। साथ ही उन्होंने आधार बेस्ड डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर और यूनिवर्सल हेल्थ केयर पॉलिसी का भी जिक्र किया।
BRICS FMCB की मीटिंग के दौरान न्यू डेवलपमेंट बैंक से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई। जिसे इसके सदस्यता विस्तार के लिए भारत से मजबूत समर्थन मिला। साथ ही भारत ने NDB Management को अच्छी प्रगति जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।


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