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इंडियन सांख्यिकी सिस्टम में सुधार के पक्ष में नीति आयोग

प्रकाशित Sun, 26, 2019 पर 17:05  |  स्रोत : Moneycontrol.com

नीति आयोग ने इंडियन स्टटेस्टिकल सिस्टम (भारतीय सांख्यिकी प्रणाली) में सुधार और आधुनिकरण किए जाने पर जोर दिया है। ताकि वास्तिवक समय का आंकड़ा मिल सके और इसका उपयोग नीति विश्लेषण में किया जा सके। नीति आयोग के उपाध्याक्ष राजीव कुमार ने कहा कि नीति आयोग विश्व बैंक के संपर्क में है। और जल्द ही इसका बेहतर समाधान निकाला जाएगा।


दरअसल हाल ही में आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन और पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने भारत के आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों को लेकर संदेह व्यक्त किया था। राजन और सुब्रमण्यम दोनों ने कहा था कि जीडीपी आंकड़े को लेकर जो मौजूदा संदेह है, उसे दूर करने की जरूरत है। कुमार ने कहा कि हाल ही में विश्व बैंक की टीम मुझसे मिली है। वो इस बात को लेकर उत्सुक थे कि हम स्टटेस्टिकल सिस्टम में आधुनिक रूप से सुधार कर रहे हैं। जिससे हम वास्तविक समय के आंकड़ों पर आधारित स्टटेस्टिकल सिस्टम और नीति विश्लेषण की ओर बढ़ सकें।


आपको बता दें कि यह टिप्पणी ऐसे समय में ई है जब केंद्रीय सांख्यकीय कार्यालय यानी सीएसओ और नेशनल सैंपल सर्वें यानी एनएसओ को एक साथ मिलाकर नई संस्था बन रही है। यानी इनका विलय किया जा रहा है। इस विलय के बाद नई संस्था सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के अधीन काम करेगी। मंत्रालय का कहना है कि इनके विलय से स्टटेस्टिकल सिस्टम को दुरुस्त और मजबूती बनेगी। साथ ही बेहतर तालमेल भी बैठेगा।
  
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार इस वित्तीय वर्ष में कुछ खराब पब्लिक सेक्टर यूनिट (पीएसयू) का निजीकरण करने में सक्षम होगें। उन्होंने कहा कि हाँ आप विनिवेश समेत नॉन-टैक्स रेवेन्यू (गैर-कर राजस्व) जुटाने को लेकर इस वित्त वर्ष में कुछ गंभीर कदम देख सकते हैं।


सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2019 -20 में विनिवेश से 90,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।