Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

ऑनलाइन ठगी में अब नया पैंतरा, जानिए कैसे रहें सावधान

KYC के नाम पर ग्राहक से रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड कराए जा रहे हैं और फिर मोबाइल रिमोट पर लेकर, पैसे उड़ा लिए जाते हैं।
अपडेटेड Oct 07, 2019 पर 10:47  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

साइबर ठगी नई बात नहीं है, लेकिन अब इस गोरखधंधे ने एक नया पैंतरा पकड़ा है। अब KYC के नाम पर ग्राहक से रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड कराए जा रहे हैं और फिर मोबाइल रिमोट पर लेकर, पैसे उड़ा लिए जाते हैं। बंगलुरू पुलिस ने ऐसे कई मामले पकड़े हैं और पुलिस का कहना है कि असल में समस्या काफी बड़ी हो सकती है क्योंकि कई लोग तो इसकी कंप्लेन भी नहीं करते हैं। दरअसल ये पूरा खेल इतने शातिर तरीके से किया जाता है कि कई बार तो इसमें खुद टेक्नोलॉजी पर काम करने वाले भी फंस जाते हैं।


आपके पास एक कॉल आती है। कॉलर कहता है कि वो फलां बैंक या वॉलेट के कस्टमर केयर से बोल रहा है। आपको अपनी KYC अपडेट करनी चाहिए वर्ना आप कोई ट्रांजैक्शन नहीं कर पाएंगे। आप कहेंगे कैसे तो कहा जाएगा कि अगर आप एक ऐप डाउनलोड कर लें तो घर बैठे आपकी KYC हो जाएगी। जैसे ही आपने वो ऐप डाउनलोड किया और कॉलर के कहे मुताबिक कुछ परमिशन दे दिए तो फिर आपके मोबाइल का कंट्रोल उस कॉलर के पास चला जाता है। फिर KYC पूरी करने का फरेब करके कॉलर कहता है कि अपने बैंक अकाउंट या वॉलेट से 1 रुपए का कोई ट्रांजैक्शन करके चेक कर लें कि KYC हुई या नहीं। अगर आप ऐसा करते हैं तो कॉलर उसी वक्त आपकी गोपनीय जानकारियां हासिल कर लेता है और आपके पैसे उड़ा लेता है। साइबर फ्रॉड के इस नए पैंतरे में आपको बातों में फंसाकर आपका मोबाइल हैक कर लिया जाता है। और इससे बचाव का एकमात्र तरीका है, जागरुकता और सावधानी।


साइबर सुरक्षा के लिहाज से फालतू के कॉल पर बात ना करें। फोन पर गोपनीय जानकारी ना दें क्योंकि बैंक आपसे गोपनीय जानकारी नहीं मांगते। कॉलर पर शक हो तो इसकी शिकायत करें। अपने सिस्टम में इंटरनेट सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर रखें। हर ऐप का स्ट्रॉन्ग पासवर्ड अक्षर, अंक और स्पेशल कैरेक्टर के साथ बनाएं। अपना ऐप, सॉफ्टवेयर अपडेट रखें। सोशल मीडिया पर तगड़ा नियंत्रण रखें। निजी बातें कम से कम शेयर करें।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।