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NSDL ने अडानी के FPI इनवेस्टर्स के एकाउंट ब्लॉक किए थे, लेकिन 2016 में 2021 में नहीं

अडानी ग्रुप की कंपनियों में हिस्सेदारी रखने वाले तीन विदेशी फंड्स पर रोक लगाने की रिपोर्ट के बाद सोमवार को इन कंपनियों के शेयर्स में भारी गिरावट आई थी
अपडेटेड Jun 16, 2021 पर 08:38  |  स्रोत : Moneycontrol.com

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) की ओर से अडानी ग्रुप की कंपनियों में हिस्सेदारी रखने वाले तीन फॉरेन फंड्स के एकाउंट्स ब्लॉक करने की रिपोर्ट के बाद सोमवार को ग्रुप की कंपनियों के शेयर्स में भारी गिरावट आई थी। लेकिन इन तीन फंड्स में से कम से कम दो और अडानी ग्रुप का कहना है कि यह रिपोर्ट गलत है और फंड्स इन कंपनियों में इनवेस्टमेंट कर सकते हैं।


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हालांकि, NSDL की वेबसाइट पर अल्बुला इनवेस्टमेंट फंड, क्रेस्टा फंड और APMS इनवेस्टमेंट फंड को ब्लॉक किए गए एकाउंट्स की कैटेगरी में दिखाया गया है।

क्या है वास्तविक स्थिति?


यह सही है कि NSDL ने तीन फॉरेन फंड्स के एकाउंट्स को ब्लॉक किया है लेकिन यह मामला 2016 का है। ये एकाउंट कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के ऑर्डर पर एक अलग मामले में ब्लॉक किए गए थे जो अडानी ग्रुप की कंपनियों से नहीं जुड़ा।


अडानी ग्रुप ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि कुछ डीमैट एकाउंट 2016 में SEBI के एक ऑर्डर के कारण निलंबित किए गए थे। इसका यह मतलब नहीं है कि इनके सभी शेयर्स या इक्विटी मार्केट में डीलिंग पर रोक लगाई गई है।


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मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर्स में कुछ मजबूती आई। सोमवार को अडानी ग्रुप की कंपनियों को लगभग 54,000 करोड़ रुपये के मार्केट कैपिटलाइजेशन का नुकसान हुआ था।

हालांकि, अडानी ग्रुप ने सोमवार को ही यह पुष्टि की थी कि इन तीनों फॉरेन फंड्स के डीमैट एकाउंट्स "एक्टिव" हैं।


पिछले एक वर्ष में अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर्स काफी चढ़े थे। इससे इनका मार्केट कैपिटलाइजेशन काफी बढ़ गया था।


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