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अगर आपका बैंक डूबता है तो आपको सिर्फ 1 लाख रुपए मिलेंगे

DICGC अधिनियम 1961 की धारा 16(1) के तहत यदि कोई बैंक डूब जाता है तो ग्राहकों को केवल एक लाख रुपये ही मिलेगा
अपडेटेड Dec 04, 2019 पर 10:44  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अगर कोई  बैंक दिवालिया हो जाता है तो फिर ग्राहकों के खाते में चाहे जितनी रकम हो, उनको केवल 1 लाख रुपये ही मिलेंगे। Reserve Bank of India (RBI) की सहयोगी  Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation (DICGC) ने एक RTI के जवाब में इस बात की जानकारी दी।


DICGC एक्ट 1961 क सेक्शन 16(1) के तहत देश में कोई भी काम कर रहे बैंक दिवालिया होते हैं य डूब जाते हैं, तो फिर अकाउंट होल्डर को केवल 1 लाख रुपये ही मिलेंगे। इतने ही रुपये को बीमा कवर किया गया है। यह कवर सभी प्रकार के खातों के लिए लागू है।


RBI का यह नियम सभी बैंकों पर लागू है। इसमें विदेशी बैंक भी शामिल है, जिन्हें RBI से लाइसं मिलता है। गौर करने की बात ये है कि अभी तक भारत के इतिहास में कोई भी सरकारी या प्राइवेट बैंक डूबा नहीं है और न ही दिवालिया घोषित हुआ है। किसी भी बैंक में घोटाला होने पर RBI और सरकार हमेशा कोशिश करते हैं कि खाताधारकों के हित मे कोई नुकसान न पहुंचे।


PMC बैंक घोटाले में भी अकाउंट होल्डर्स को चिंता सता रही थी कि अब क्या होगा। हालांकि एक जानकारी के मुताबिक 70 फीसदी लोगों ने अपने पैसे निकाल लिये हैं। उस समय भी कहा गया था कि सभी खाताधारकों के 1 लाख रुयपे सुरक्षित हैं।
कहने का मतलब ये है कि अगर किसी बैंक में आपके 15 लाख रुपये जमा हैं और यदि बैंक दिवालिया घोषित हो गया त आपको केवल 1 लाख रुपये मिलेंगे। बाकी के 14 लाख आपके डूब गए।  


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