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पहला कदम: जानें क्या है कैश फ्लो स्टेटमेंट

प्रकाशित Sat, 10, 2018 पर 14:22  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

फाइनेंशियल लिटरेसी की हमारी इस मुहिम का ये चरण करीब करीब  खत्म होने के मुकाम पर है।  पिछले कुछ एपिसोड्स से हम बात कर रहे हैं इक्विटी में सीधे निवेश की। इस दौरान हमारे एक्सपर्ट्स ने सीधी-सरल तरीके से शेयर बाजार की बारीकियां आपको समझाने की कोशिश की है। आज भी हम इक्विटी में सीधे निवेश पर ही बात कर रहे हैं। हमारी चर्चा का फोकस बैलेंस शीट के एनालिसिस पर है। इस एपिसोड में बतौर एक्सपर्ट्स हमारे साथ हैं एक्सिस सिक्योरिटीज के एमडी एंड सीईओ अरुण ठुकराल और सीएनबीसी-आवाज में हमारे सहयोगी प्रदीप पंड्या।


इस सीजन में हमने एक कॉन्टेस्ट भी रखा है। पहला कदम सीजन-3 की वेबसाइट या फेसबुक पेज पर जाकर आप इस कॉन्टेस्ट में हिस्सा ले सकते हैं। महीनेभर में जो प्रतियोगी वेबसाइट पर पूछे गए सवालों के सबसे ज्यादा बार सही जवाब देगा उस गुरू ऑफ द मंथ के अवॉर्ड दिया जाएगा।


कैश फ्लो स्टेटमेंट पर बात करते हुए जानकारों का कहना है कि कैश फ्लो मतलब कंपनी के पास नगदी की आमद है। कंपनी की सेहत की जानकारी कैश फ्लो के जरिए ही पता चलती है। बिजनेस से आने वाला पैसा कैश फ्लो कहलाता है। इक्विटी कैश फ्लो का हिस्सा नहीं है। ज्यादा कैश फ्लो वाली कंपनी मजबूत मानी जाती है। सीधे भाषा में समझा जाएं तो ऐसे एसेट जो आसानी से कैश में बदल सकतें है वह कैश फ्लो माने जाते है।


जानकारों के मुताबिक लिक्विड फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड निवेश भी कैश फ्लो का हिस्सा होता है। वहीं बैलेंस शीट से भी कंपनी की सेहच का अंदाजा लगता है। निवेशक को सेल्स के आंकड़ो पर जरुर ध्यान देना चाहिए क्योंकि निवेश किया गया कैश बैलेंस- शीट मे  दिखाता है।