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सोशल मीडिया पर जमकर खर्च कर रही हैं पार्टियां

प्रकाशित Mon, 15, 2019 पर 12:18  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इस बार के आम चुनाव एक मामले में बाकी चुनावों से काफी अलग हैं। इस बार राजनीतिक दल प्रचार में बैनर-पोस्टर कम और सोशल मीडिया पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं। इसी के मद्देनजर चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया पर होने वाले खर्च पर खास नजर रख रहा है।
चुनावी घमासान जोरों पर है। सभी पार्टियों ने 2019 के रण में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। वोट पाने के लिए ये जोर-अजमाइश सोशल मीडिया पर भी देखी जा रही है।


यही कारण है कि इस बार राजनीतिक पार्टियां सोशल मीडिया पर जमकर खर्च कर रही हैं। चुनावी रणनीति बनाने वाली एक एजेंसी के अनुमान के मुताबिक इस चुनाव में राजनीतिक पार्टियां सोशल मीडिया 5 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च कर सकती हैं जो पिछले चुनावों की तुलना में पांच गुना ज्यादा है।


इसी के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि सोशल मीडिया पर प्रचार पर हुए खर्च को चुनाव खर्च में जोड़ा जाए। इसमें फेसबुक ट्विटर के अलावा बाकी एप्स पर कंटेट बनाना और फॉलवर्स बढ़ाना शामिल है।


फेसबुक पर चुनाव से जुड़े 51 हजार विज्ञापन हैं जिनके लिए पार्टियों ने 10 करोड़ रुपए खर्च किए हैं । हालांकि जानकारों की माने तो इससे कई गुना ऐसे विज्ञापन हैं जो सीधे राजनैतिक दल ने नहीं दिए हैं बल्कि थर्ड पार्टी की तरफ से दिए गए हैं । ट्विटर का कहना है कि  पिछले एक महीने के दौरान आम चुनाव को लेकर 4.5 करोड़ से ट्वीट किये गये हैं। इसमे सबसे ज्यादा जिक्र  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  का  हुआ है।


वहीं गूगल का कहना है कि इस चुनाव में सबसे ज्यादा विज्ञापन भाजपा की तरफ से आए हैं। जबकि दूसरे नंबर पर वाईएसआर कांग्रेस का रहा है । इसके बाद बीजेडी और कांग्रेस का नंबर आता है। बदलते समय के साथ चुनाव प्रचार का तरीका भी बदला है, आज राजनीतिक पार्टियों और नेताओं को पता है कि सोशल मीडिया के बिना अब चुनाव जीतना मुश्किल है।