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पेमेंट गड़बड़ी मामले में इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज के 4 ब्रोकरेज फर्म सेबी की जांच दायरे में

ICEX ने इन चारों फर्म्स को Liquidity Enhancement Scheme के तहत स्टील, डायमंड, इसबगोल, रबर, मिर्च और PB1121 के लिए पैसे दिए थे, ये पैसे कहां खर्च हुए सेबी यह जांच करेगा
अपडेटेड Feb 23, 2021 पर 14:34  |  स्रोत : Moneycontrol.com

मार्केट रेगुलेटर सेबी इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज लिमिटेड (ICEX) के चार ब्रोकरेज फर्म के खिलाफ जांच शुरू करेगी। इनपर आरोप है कि कमोडिटी डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स (commodity derivatives contracts) में इन्होंने कथित तौर पर गड़बड़ी की है।


इस मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों ने मनीकंट्रोल को बताया कि सेबी इस मामले में स्पेशल ऑडिट शुरू करने वाला है। जिन चार ब्रोकरेज फर्म की जांच होने वाली है उनमें  गोगिया कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड (Gogia Capital Services limited), एमएसबी ई-ट्रेड सिक्योरिटीज (MSB e-trade Securities) मौजमपुरिया सिक्योरिटीज ब्रोकिंग (Mauzampuria Securities Broking) और फाइंडॉक कमोडिटीज (Findoc Commodities) शामिल हैं।


इन चारों ब्रोकिंग फर्म्स पर पेमेंट में गड़बड़ी करने का आरोप है। सूत्रों ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि ICEX के मैनेजमेंट ने इन चारों फर्म्स को लिक्विडिटी एनहांसमेंट स्कीम (Liquidity Enhancement Scheme- LES) के तहत स्टील, डायमंड, इसबगोल, रबर, मिर्च और PB1121 के लिए पैसे दिए। SEBI अब इस मामसे में पैसे के ट्रेल की जांच कर रही है कि ये फंड कहां खर्च हुए। SEBI इन इस बात की जांच के लिए स्पेशल ऑडिट के आदेश दिए हैं कि कहीं ये पैसे वापस ICEX में तो ट्रेडिंग के लिए नहीं लगाए गए।


SEBI ने LES की शुरुआत ऐसे नए और यूनिक कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए की थी जिनमें सरकार से सहयोग के बिना ट्रेडिंग मुश्किल है। गोगिया कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड के सताश गोगिया ने स्पेशल ऑडिट की बात की पुष्टि की और कहा कि उनसे बैंक के डिटेल्स मांगे गए हैं। उन्होंने कहा कि वे हर जांच में सहयोग करने को तैयार हैं। वहीं, Findoc ने इन आरोपों का सिरे से नकार दिया है और बताया कि हमें SEBI की तरफ से किसी स्पेशल ऑडिट के बार में जानकारी नहीं दी गई है। वहीं इस मामले में SEBI की रडार पर आई बाकी दोनों कंपनियों ने Moneycontrol के सवालों पर अभी कोई जवाब नहीं दिया है।


क्या है पूरा मामला


मई 2020 में ICEX के बोर्ड ने Choksi and Choksi LLP को एक्सचेंज की फॉरेंसिक ऑडिट के लिए नियुक्त किया था। इस ऑडिट रिपोर्ट में ऑडिटर ने कहा कि इन चारों फर्म्स ने मार्केट मेकिंग के दौरान अपने बुक्स में भारी खर्च दिखाए थे।


साथ ही ऑडिटर ने इनकी आगे का जांच करने का सुझाव दिया था। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि Mauzampuria और Findoc को मार्केट मेकिंग का कोई अनुभव नहीं है, लकिन LES कमिटी ने उन्हें टेक्निकली क्वालिफाइड घोषित किया था। इसके बाद एक व्हीसलब्लोअर की शिकायत पर SEBI ने अब स्पेशल ऑडिट का आदेश दिया है।


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