Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

देश में पायलटों का टोटा, मिलेगा सुनहरा मौका

प्रकाशित Fri, 13, 2018 पर 18:43  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

विमान उड़ाने को अपना करियर बनाना चाहते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। एक तो अभी एयरलाइंस को बड़ी संख्या में पायलट्स की जरूरत है। दूसरा, आने वाले 10 सालों तक बड़ी संख्या में नौकरियां पैदा होंगी। सिविल एविएशन की रफ्तार बता रही है, पायलटों की बल्ले-बल्ले है और रहेगी।


पायलट की कमी के चलते कई एयरलाइंस ने अपनी विस्तार योजनाएं रोक रखी हैं। कई एयरलाइंस ने अपने प्लेन ग्राउंड करने पर मजबूर हैं। ऊपर से उड़ान योजना ने नए रूट्स खोल दिए हैं। ऐसे में बड़ा दारोमदार इस बात पर होगा कि आने दिनों में प्लेन उड़ाने के लिए पायलट मिलते हैं या नहीं।


विमानन कंपनियों को मार्च 2019 तक बोइंग और एयरबस से लगभग 100 नए विमानों की डिलिवरी मिलेगी। यानी तुरंत फर्स्ट ऑफिसर और कमांडर सहित 800-1000 पायलटों की जरूरत होगी और तब एक अनुमान के मुताबिक पायलटों की लगभग 30 पर्सेंट कमी होगी। यही नहीं देश के सिविल एविएशन सेक्टर में 2028 तक लगभग 1,000 नए विमानों की एंट्री होगी और 10 हजार पायलट्स की जरूरत पैदा होगी।


ऐसे में अगर कोई पायलट बनना चाहता है तो उसके लिए नौकरियों की भरमार होगी। आपको ये भी बता दें कि एक कमांडर का महीने में 6.5 से 8.5 लाख रुपए तक कमाता है। लेकिन दिक्कत ये है कि भारत में में पायट ट्रैनिंग के लिए अच्छे इंस्टीट्यूट की भी कमी है और विदेश में ट्रेनिंग पर खर्च 50 लाख तक जा सकता है।


उम्मीद है कि एयरलाइंस आने वाले दिनों में पायलट ट्रेनिंग पर भी खर्च करेंगी। कुछ एयरलाइंस अपने फर्स्ट ऑफिसरों को ट्रेनिंग देकर कैप्टन में अपग्रेड करने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन जितनी जरूरत है उसे पूरा करना आासान नहीं है।