Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

दिवाली के बाद बढ़ा प्रदूषण, जानिए कैसे लड़ें प्रदूषण से- कैसे बचाएं सेहत

हर साल की तरह इस बार भी दिल्ली में दिवाली के बाद प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है।
अपडेटेड Oct 31, 2019 पर 12:56  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

हर साल की तरह इस बार भी दिल्ली में दिवाली के बाद प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है। वैसे इस बार पिछले साल के मुकाबले स्थिति थोड़ी बेहतर है, लेकिन दिल्ली वालों की सेहत को इससे गंभीर खतरा है। खासकर बच्चे, बूढ़े और गर्भवती महिलाएं डेंजर जोन में हैं। अब दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई है, जिसे सरकार और आम जनता को मिलकर जीतना है। लेकिन अभी हम सिर्फ इतना कहना चाहते हैं कि अगर POLLUTION है तो उसका सोल्यूशन भी है।


दिल्ली का नेहरू प्लेस देखने में एक ग्रीन हाउस या नर्सरी लगता है लेकिन है एक कॉरपोरेट ऑफिस जहां 30 से ज्यादा कंपनियां काम करती हैं। ऐसे समय में जब दिल्ली की हवा खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है , दिल्ली में पहाड़पुर बिजनेस सेंटर के अंदर PM 2.5 लगभग नहीं के बराबर है। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से इसे दिल्ली की सबसे शुद्ध हवा वाली इमारत का सर्टिफिकेट मिल चुका है।


पिछले 25 साल में यहां इंडोर पॉल्यूशन कम करने पर रिसर्च चल रही है। ताजा हवा को लेकर किए गए इनोवेशन में इस बिल्डिंग के नाम करीब 10 पेटेंट हैं। करीब आठ हजार पौधे  यहां की हवा को साफ कर रहे हैं। नतीजा ये हैं कि इस ऑफिस में 10 घंटे बैठने के बाद आपके खून में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ जाता है। इससे यहां के लोगों की work efficiency सामान्य से 20% ज्यादा है।


यह भारत की पहली बिल्डिंग है जिसे हेल्थ और वेलनेस के लिए भी इनाम मिला है। मगर ये सारे इनाम इसलिए मिले क्योंकि यहां हर पौधे की देखभाल की जाती है और कोशिश की जाती है कि यहां धूल ना जमे। इस सफल प्रयोग को बाकी जगहों पर भी ले जाने के लिए पहाड़पुर बिजनेस सेंटर ने एक कंपनी BreatheEasy को incubate किया है।


कंपनी के CEO का मानना है कि शुरुवात में भले ही खर्च ज्यादा लगे लेकिन लॉन्ग टर्म में ग्रीन बिल्डिंग किफायती है। और indoor air quality सुधारने की शुरुआत आप एक पौधे से भी कर सकते हैं।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।