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उड़ान 3 की तैयारी, अब सी-प्लेन की बात

प्रकाशित Thu, 29, 2018 पर 12:49  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

हवाई चप्पल वाले को हवाई यात्रा कराने वाली स्कीम उड़ान के तीसरे चरण में अब सीप्लेन की बात हो रही है। लेकिन जमीनी हकीकत तो ये है कि योजना का पहला चरण उड़ान नहीं भर पा रहा है। सरकार उड़ान स्कीम के तीसरे चरण के लिए बोलियां मंगा चुकी है। लेकिन 2500 रुपये में हवाई यात्रा कराने वाली इस स्कीम के पहले चरण का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। पहले चरण में 128 रूट्स आवंटित हुई थीं जिनमें एयर ओडिशा को 50 और डेकन एयर को 34 रूट्स दिए गए थे। ये दोनों एयरलाइंस अपने 70 फीसदी रूट पर उड़ान नहीं भर पाईं और पिछले महीने उनका कॉन्ट्रैक्ट रद्द करना पड़ा। यानी अब सिर्फ 44 रूट्स आपरेशनल हैं जिन्हें एलायंस एयर, स्पाइस जेट और ट्रूजेट चला रहे हैं।


एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुताबिक अब तक लगभर 5 लाख लोगों ने इस स्कीम के तहत फायदा उठाया है। लेकिन एयरलाइंस की परफॉर्मेंस अच्छी होती तो ये आंकड़ा और भी ज्यादा हो सकता था। उड़ान के दूसरे चरण में हेलीकॉप्टर को भी शामिल किया गया था जबकि तीसरे चरण में सरकार सीप्लेन्स लाना चाहती है। लेकिन पहले चरण के अमुभव से ऐसा लगता है कि स्कीम का पूरा दारोमदार बड़े एयरलाइंस पर ही रहने वाला है।


उधर एयर इंडिया ने अपनी हालत सुधारने के लिए सरकार को नया प्लान दिया है। कंपनी ने सरकार को 10 सूत्री प्लान दिया है जिसमें कॉस्ट कटिंग और रेवेन्यू बढ़ाने के उपाय हैं। मसलन, विमानों को चुस्त-दुरुस्त कर यात्री सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी ताकि रेवेन्यू बढ़े। दूसरी तरफ, ईंधन और ऑफिस के खर्च घटाकर लागत कम की जाएगी। एयर इंडिया को उम्मीद है कि इस प्लान से सालाना 2000 करोड़ का फायदा होगा। इसके अलावा सब्सिडरी की बिक्री और रेवेन्यू बढ़ाकर कर्ज कम करने की कोशिश भी की जाएगी।