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कॉपर इंडस्ट्री को बड़ी राहत देने की तैयारी, सस्ते इंपोर्ट पर कसेगा शिकंजा

वेदांता, हिंडाल्को जैसी घरेलू कॉपर इंडस्ट्री को राहत देने के लिए सरकार सस्ते इंपोर्ट पर शिकंजा कस सकती है।
अपडेटेड Dec 03, 2019 पर 09:25  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

वेदांता, हिंडाल्को जैसी घरेलू कॉपर इंडस्ट्री को राहत देने के लिए सरकार सस्ते इंपोर्ट पर शिकंजा कस सकती है। नीति आयोग ने इस पर वित्त मंत्रालय से जरूरी कदम उठाने की सिफारिश की है। बता दें कि कॉपर वायर के सस्ते इंपोर्ट से घरेलू इंडस्ट्री परेशान है। फिलहाल इसके कच्चे माल पर 2.5 फीसदी की इंपोर्ट ड्यूटी लगती है। वहीं, तैयार कॉपर वायर पर इफेक्टिव ड्यूटी 0 फीसदी है।


सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इस मुद्दे पर वेदांता, हिंडाल्को जैसी कंपनियों के साथ दो हफ्ते पहले नीति आयोग में बैठक हुई थी। इस बैठक में घरेलू कंपनियों ने सस्ते इंपोर्ट पर रोक लगाने की मांग की। घऱेलू कंपनियों ने कच्चे माल पर इंपोर्ट ड्यूटी ज्यादा होने का मुद्दा उठाया। नीति आयोग भी कंपनियों की दलील से सहमत था। अब नीति आयोग ने वित्त मंत्रालय से सस्ते इंपोर्ट पर शिकंजा कसने की सिफारिश की है।


इस बैठक में तैयार माल के सस्ते इंपोर्ट और कच्चे माल के महंगे इंपोर्ट का मुद्दा उठा। सूत्रों के मुताबिक नीति आयोग ने वित्त मंत्रालय से इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में बदलाव की सिफारिश की है।


 


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