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रेलवे में बढ़ेगी निजी सेक्टर की भागीदारी, 109 रुट्स पर 151 ट्रेनें चलाने के लिए जारी किया RFQ

प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़ाने के लिए रेलवे बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है।
अपडेटेड Jul 03, 2020 पर 08:41  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़ाने के लिए रेलवे बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। ट्रेन चलाने के लिए पहली बार निजी सेक्टर को आमंत्रित किया गया है। रेलवे ने 109 रुट्स के लिए RFQ यानी REQUEST FOR QUALIFICATION मंगाई है। इस प्रोजेक्ट से 30,000 करोड़ रुपये के निजी निवेश का लक्ष्य है। पहली बार ट्रेन चलाने के लिए प्राइवेट सेक्टर को बुलावा भेजा गया है।


RFQ के तहत क्या हैं शर्तें


इसके लिए कन्सेशन पीरियड 35 साल का रखा गया है। इसमें ज्यादातर ट्रेनें मेक इन इंडिया के तहत होंगी। 160 किलोमीटर प्रति घंटा अधिकतम रफ्तार होगी। प्राइवेट कंपनी रेलवे को फिक्स्ड haulage चार्ज देगी। प्राइवेट कंपनी कमाई में हिस्सा बांटेगी। रेलवे का हिस्सा नीलामी की प्रक्रिया के तहत तय होगा। हर ट्रेन में कम से कम 16 कोच होंगे। रेलवे ने यह भी कहा है कि इन ट्रेनों में से अधिकांश को मेक इन इंडिया के तहत भारत में ही बनाया जाएगा।


बता दें कि पिछले साल Irctc ने पहली निजी ट्रेन लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस शुरू की थी। रेलवे के मुताबिक, इस कदम का लक्ष्य भारतीय रेल में रखरखाव की कम लागत, कम ट्रांजिट टाइम के साथ नई तकनीक का विकास करना है और नौकरियों के अवसर बढ़ाना, बेहतर सुरक्षा और विश्व स्तरीय यात्रा का अनुभव कराना है।


रेलवे में सुधार की बड़ी कोशिश, कॉरपोरेटाइजेशन का कैबिनेट ड्राफ्ट नोट तैयार


रेलवे से जुड़ी एक और बड़ी खबर है। रेलवे अब अपनी फैक्ट्रियों में कॉरपोरेट के तर्ज पर कामकाज की व्यवस्था करेगा। सीएनबीसी-आवाज़ को एक्सक्लूसिव जानकारी मिली है कि इसके लिए कैबिनेट ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। अन्तिम मंजूरी के जल्द cabinet के पास भेजा जाएगा। रेलवे में कॉरपोरेट कल्चर को बढ़ावा देने की नीति के तहत रेलवे की मैन्युफैक्चरिंग, प्रोडक्शन यूनिट्स में कॉरपोरेटाइजेशन होगा। कॉरपोरेटाइजेशन का कैबिनेट ड्राफ्ट नोट तैयार हो गया है। रेलवे बोर्ड के साथ कैबिनेट ड्राफ्ट नोट पर  चर्चा हुई है। अन्तिम मंजूरी के लिए इसके जल्द cabinet के पास भेजा जाएगा। इसके जरिए बेहतर गवर्नेंस, नई तकनीक को बढ़ावा देने का प्रयास हो रहा है। इसकी बिबेक देबरॉय कमिटी ने सिफारिश की थी । इन खबरों के चलते RITES / RVNL / IRCON / TEXRAIL / TITAGARH WAGONS में आज जोरदार एक्शन दिखेगा।


दूसरी तरफ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रेलवे के निजीकरण की तरफ बढ़ते कदम का विरोध किया है। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा है कि रेल गरीबों की एकमात्र जीवनरेखा है और सरकार उनसे ये भी छीन रही है। देश की जनता इसका करारा जवाब देगी।


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