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150 ट्रेनों के निजीकरण में हो सकती है देरी, शीतकालीन सत्र में हंगामा संभव

150 ट्रेनों के निजीकरण की प्रक्रिया में फिलहाल देरी हो सकती है। दरअसल प्राइवेट कंपनियों को दिए जाने वाला टेंडर दिसंबर तक टाल दिया गया है।
अपडेटेड Nov 14, 2019 पर 11:25  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

150 ट्रेनों के निजीकरण की प्रक्रिया में फिलहाल देरी हो सकती है। सूत्रों से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक प्राइवेट कंपनियों को दिए जाने वाला टेंडर दिसंबर तक टाल दिया गया है।


सूत्रों के मुताबिक 150 ट्रेनों के निजीकरण की तैयारी रोक दी गई है। रेलवे के इस फैसले से यूनियन और विपक्ष नाराज है। ऐसे में कयास लगाये जा रहे है कि शीतकालीन सत्र में ट्रेनों के निजीकरण को लेकर हंगामा हो सकता है। शीतकालीन सत्र 18 नवंबर से शुरू होकर 13 दिसंबर तक चलेगा। बता दें कि तेजस की तर्ज पर 150 ट्रेनों का निजीकरण होना था।


दरअसल निजी कंपनियों को दिए जाने वाला टेंडर दिसंबर तक टाल दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक ग्लोबल टेंडर के लिए RFQ तैयार है। इस RFQ के तहत कंपनी को ट्रांसपोर्टेशन में 5 साल का अनुभव होना चाहिए। कंपनी का टर्न ओवर 1800 करोड़ रुपये हो। निजीकरण का ये प्रोजेक्ट 22,500 करोड़ रुपये का है। गौरतलब हो कि पहली निजी ट्रेन तेजस ने अच्छा मुनाफा कमाया था।


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