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BEML के विनिवेश में आएगी तेजी, DIPAM और नीति आयोग से मिली डीमर्जर को मंजूरी

बीईएमएल ( BEML) के स्ट्रैटेजिक विनिवेश (Disinvestment) की और सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है
अपडेटेड Jun 14, 2021 पर 13:11  |  स्रोत : Moneycontrol.com

बीईएमएल ( BEML) के स्ट्रैटेजिक विनिवेश (Disinvestment) की और सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। इस विनिवेश की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए DIPAM और नीति आयोग ने बीईएमएल से संबंधित डीमर्जर को मंजूरी दे दी है। जिसके तहत कंपनी की सरप्लस  लैंड और एसेट्स का नई सब्सिडियरी में डीमर्जर होगा।


बीईएमएल के लैंड बैंक पर एक नजर


बीईएमएल के लैंड बैंक पर एक नजर डालें तो उसके पास 1213 एकड की ऑपरेशन लैंड बैंक है। वहीं 1733 एकड़ जमीन ऐसी है जो बिना उपयोग के पड़ी हुई है। इस तरह कंपनी के पास कुल 2945 एकड़ का लैंड बैंक है।


बीईएमएल के लैंड बैंक के ब्रेकअप पर नजर डालें तो बंगलुरु कॉम्प्लेक्स के पास 222 एकड़ जमीन है जबकि ईएम डिवीजन के पास 1757 एकड़ जमीन है। वहीं मैसूर कॉम्प्लेक्स के पास 560 एकड़ जमीन है जबकि पलक्कड़ कॉम्प्लेक्स  के पास 374एकड़ जमीन है। इसके अलावा दूसरी जगहों पर भी कंपनी के पास 32 एकड़ जमीन है।


बता दें कि बीईएमएल ने शनिवार को बताया था कि  DIPAM और नीति आयोग ने कंपनी की  सरप्लस  लैंड और एसेट्स को डीमर्ज करने के लिए एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह बीईएमएल  के स्ट्रैटेजिक विनिवेश की प्रक्रिया का ही एक हिस्सा है।


गौरतलब है कि बीईएमएल को पहले भारत अर्थ मूवर के नाम से जाना जाता था। इसकी स्थापना 1964 में सरकारी कंपनी के तौर पर की गई थी जो अपने बेगलुरु कॉम्प्लेक्स में रेलवे के कोच और खनन के काम आनेवाले कलपुर्जों और मशीनों का निर्माण करती है।


कंपनी में सरकार ने पहले भीअपनी कुछ हिस्सेदारी बेची है। वर्तमान में कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी 54 फीसदी है। बाकी 46 फीसदी हिस्सेदारी पब्लिक, वित्तीय संस्थाओं, विदेशी संस्थागत निवेशकों, बैकों और कंपनी के कर्मचारियों के पास है। बीईएमएल देश के कोर सेक्टर जैसे डिफेंस, रेल, पावर , माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी सेवाएं देती है।


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