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क्रेडिट पॉलिसी में मिला उम्मीद से ज्यादा, फिर भी बाजार को क्यों नहीं आई पसंद!

क्रेडिट पॉलिसी में RBI ने लगातार चौथी बार दरें घटाई हैं और इस बार उम्मीद से ज्यादा दिया है।
अपडेटेड Aug 07, 2019 पर 17:05  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

क्रेडिट पॉलिसी में RBI ने लगातार चौथी बार दरें घटाई हैं और इस बार उम्मीद से ज्यादा दिया है। बाजार को 0.25 प्रतिशत दरों में कटौती की उम्मीद थी। लेकिन RBI ने रेपो रेट 0.35 प्रतिशत घटाकर 5.4 प्रतिशत पर ला दिया है। हालांकि गौर करने वाली बात ये है कि रिजर्व बैंक के इस कदम के बावजूद बैंक अपने कस्टमर के लिए इसे पूरी तरह से पास नहीं कर रहे हैं। NBFCs के लिए भी शक्तिकांता दास ने दरियादिली दिखाई है।


अबकी बार NBFCs को राहत मिली है। NBFCs के लिए एक्सपोजर 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया है। अब बैंक Tier-I कैपिटल से NBFCs को 20 प्रतिशत कर्ज दे पाएंगे। कंज्यूमर लोन का रिस्क वेटेज कम किया गया है। कंज्यूमर लोन का रिस्क वेटेज 125 प्रतिशत से घटाकर 100 प्रतिशत किया गया है।


इकोनॉमी में जान फूंकने के लिए RBI ने ब्याज दरें 0.35 प्रतिशत घटा दी हैं। साथ ही, आगे और कटौती की गुंजाइश को भी रिजर्व बैंक ने बरकरार रखा। इसके अलावा NBFCs फंडिंग की दिक्कत दूर करने के लिए RBI ने बैंकों की Exposure Limit बढ़ाई है। इसके बावजूद बाजार को ये पॉलिसी पसंद नहीं आई। वजह क्या है और आगे बैंकों का रुख क्या होगा इस खास शो में जानेंगे।


सीएनबीसी-आवाज़ के साथ चर्चा करने के लिए फेडरल बैंक के ED & CFO आशुतोष खजूरिया, सिंडिकेट बैंक के MD &CEO मृत्युंजय महापात्रा और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर सौम्य कांति घोष और Citrus Advisors के फाउंडर संजय सिन्हा जुड़ रहे हैं।


हम आगे ब‍ढ़ें इससे पहले आपको रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांता दास का एक बयान बताना चाहेंगे। दरअसल ब्याज दरों में कटौती के साथ रिजर्व बैंक ने मौजूदा कारोबारी साल के लिए GDP ग्रोथ अनुमान में भी हल्की कटौती कर दी है। GDP ग्रोथ अनुमान 7 प्रतिशत से घटाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया है।


जब हमने इसकी वजह पूछी तो रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने साफ कर दिया है कि आगे दरों में कटौती का फैसला आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर होगा। सीएनबीसी-आवाज़ के बैंकिंग एडिटर प्रदीप पंड्या के सवाल के जवाब में शक्तिकांता दास ने कहा MPC ने सभी बातों को ध्यान में रखकर 0.35 फीसदी दर घटाई हैं।


उन्होंने आगे कहा कि दरों में कटौती डेटा पर निर्भर करेगी। पहले किसी सेंट्रल बैंक ने 0.35 फीसदी दरें नहीं घटाई हैं। पॉलिसी में 0.25 फीसदी दरें घटाना कम था। MPC ने सभी बातों को ध्यान में रखकर 0.35 फीसदी दर घटाई है। रेपो रेट 0.50% घटाना ज्यादा होता।


क्रेडिट पॉलिसी पर अपना नजरिया रखते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर सौम्य कांति घोष ने कहा कि आज उम्मीद से ज्यादा मिलने पर भी बाजार में उसका प्रतिसाद नहीं मिला क्योंकि बाजार को लग रहा है कि अबकी बार ज्यादा मिला है तो आगे चलकर इसमें 0.25 प्रतिशत से कम की कटौती भी हो सकती है। घोष का मानना है कि मार्च तक रेपो रेट 5 प्रतिशत तक जा सकता है या फिर उसके नीचे भी जा सकता है।


सिंडिकेट बैंक के MD &CEO मृत्युंजय महापात्रा ने क्रेडिट पॉलिसी पर चर्चा करते हुए कहा कि अब तक कुल 110 बेसिस प्वाइंट तक कटौती की जा चुकी है। इस समय एनबीएफसी जैसे सेक्टरों पर फोकस है। अगर लक्षित सेक्टरों में भविष्य में ग्रोथ दिखाई देती है और ये ग्रोथ स्थाई रहती है तो आरबीआई आगे रेट कट नहीं करेगा। यदि इन सेक्टरों में ग्रोथ नहीं आती है तो आरबीआई फिर से दर कटौती कर सकता है।