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आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद का दावा, अगले पांच साल में स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा भारत

PLI Scheme के तहत 11.5 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल फोन और उनके कम्पोनेंट का प्रोडक्शन होगा
अपडेटेड Aug 02, 2020 पर 14:33  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत (India) अगले पांच सालों में स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग (Smartphone manufacturing) हब बन जाएगा। यह दावा संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi shankar prasad) ने शनिवार को किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेन्टिव स्कीम (PLI Scheme) के तहत दुनिया की 22 दिग्गज इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां अगले पांच साल में 11.5 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल फोन और उनके कम्पोनेंट का उत्पादन करेंगी।
 
रविशंकर प्रसाद ने कहा, इनमें से 07 लाख करोड़ रुपये के स्मार्टफोन का निर्यात दूसरे देशों में किया जाएगा। इससे देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग (Electronics Manufacturing) को बढ़ावा मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि सैमसंग (Samsung), पेगाट्रॉन, फॉक्सकॉन, राइजिंग स्टार और डिक्सॉन जैसी कई कंपनियों ने भारत में मोबाइल डिवाइस और उनके कम्पोनेंट बनाने का प्रस्ताव दिया है। अब तक पीएलआई स्कीम के तहत कुल 22 कंपनियों ने आवेदन दिया है। इन कंपनियों ने 15 हजार और उससे अधिक कीमत वाले स्मार्टफोन सेग्मेंट में उत्पादन के लिए आवेदन किया है।
 
11 हजार करोड़ का निवेश आने की उम्मीद


इस योजना के तहत 15 हजार से अधिक कीमत वाले करीब 9 लाख करोड़ रुपये के स्मार्टफोन और 15 हजार से कम कीमत वाले दो लाख करोड़ रुपये के मोबाइल फोन बनाए जाएंगे। इनमें से तीन कंपनियां एप्पल आईफोन (Apple iPhone) की कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चर हैं। इनका नाम फॉक्सकॉन, विस्ट्रोन और पेगाट्रॉन है। एप्पल और सैमसंग को मिला दें तो ये दोनों कंपनियां वैश्विक मोबाइल फोन बिक्री से प्राप्त राजस्व (revenue) का करीब 60 फीसदी हिस्सा प्राप्त करती हैं। इसमें एप्पल की हिस्सेदारी 37 फीसदी और सैमसंग की हिस्सेदारी 22 फीसदी है। पीएलआई स्कीम के बाद केंद्र सरकार को उम्मीद है कि देश में इन कंपनियों का मैन्युफैक्चरिंग बेस कई गुना तक बढ़ जाएगा और आने वाले वर्षों में 11 हजार करोड़ से अधिक का निवेश (Investment) आएगा।


12 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार


रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इन कंपनियों द्वारा जमा किए गए प्रस्ताव के बाद देश में 12 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसमें से 3 लाख प्रत्यक्ष और करीब 9 लाख अप्रत्यक्ष नौकरियां होंगी। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन के लिए डोमेस्टिक वैल्यू एडिशन मौजूदा 15-20 फीसदी से बढ़कर 35-40 फीसदी हो जाएगा। जबकि, इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेंट के लिए यह 45 से 50 फीसदी के करीब पहुंचने की उम्मीद है।



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