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RBI ने कॉरपोरेट लोन के वन टाइम रीस्ट्रक्चरिंग की मंजूरी दी

RBI गवर्नर ने कहा है कि इस तरह से होने वाली किसी भी रीस्ट्रक्चरिंग के चलते असेट क्लासिफिकेशऩ में कोई डाउनग्रेड नहीं होगा
अपडेटेड Aug 07, 2020 पर 07:33  |  स्रोत : Moneycontrol.com

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने आज MPC की मीटिंग में कॉरपोरेट लोन को एकमुश्त रिस्ट्रक्चर करने की अनुमति देने का फैसला किया है। इस मामले पर निर्णय देने के लिए जाने माने बैंकर केवी कामत की अध्यक्षता में एक समिति बनाई है। जो इस मुद्दे पर अपनी सिफारिशें देगी। RBI गवर्नर शक्तिदास कांत ने कहा कि 7 जून के स्ट्रेस्ड असेट रिजोल्यूशन (stressed asset resolution) के तहत एक विंडो मुहैया कराई जाएगी। जिसके तहत ओनरशिप में बिना किसी बदलाव के रिजोल्यूशऩ प्लान लागू कर सकेंगे।


RBI गवर्नर ने कहा है कि इस तरह से होने वाली किसी भी रीस्ट्रक्चरिंग के चलते असेट क्लासिफिकेशऩ (asset classification) में कोई डाउनग्रेड नहीं होगा। इसके साथ ही मुश्किल के दौर से गुजर रहे SME कर्जदारों को भी अपने कर्ज की रीस्ट्रक्चरिंग की मंजूरी होगी। लेकिन इसके लिए शर्त यह है कि 31 मार्च तक स्टैंडर्ड के रूप में क्लासिफाइड होना चाहिए। 


रीस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया में केवल वही लोग फायदा उठा पाएंगे जो कोरोना वायरस के पहले पैसे चुका रहे थे। रीस्ट्रक्चरिंग के बाद भी ये लोन स्टैंडर्ड माने जाएंगे, यानी प्रॉविजनिंग ज्यादा नहीं बढेगी। साथ ही देनदार अगर वक्त पर लोन चुकाते हैं तो प्राविजन राइट बैक भी किया जा सकेगा।


कॉरपोरेट के साथ-साथ रिजर्व बैंक ने पर्सनल लोन रीस्ट्रक्चरिंग की भी इजाजत दे दी है। लोन चुकाने के लिए 2 साल तक का एक्सटेंशन मिलेगा, 1 मार्च तक वक्त पर EMI भरने वाले borrowers फायदा उठा सकते हैं । 


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