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RBI monetary policy 6 अगस्त को,क्या MPC ब्याज दरों और महंगाई पर बदलेगा अपना रुख!

आरबीआई इस बार भी ब्याज दरों को पहले के लेवल पर बनाए रख सकता है
अपडेटेड Aug 04, 2021 पर 14:03  |  स्रोत : Moneycontrol.com

3 दिनों की आरबीआई की मॉनिट्ररी पॉलिसी मीट (MPC) 4 अगस्त से शुरु हो गई है और रेट सेटिंग पैनल (rate-setting panel) अपने फैसला का एलान 6 अगस्त को करेगा। इस बात की पूरी संभावना है कि आरबीआई ब्याज दरों में अपने रुख पर कोई बदलाव नहीं करेगा और यथास्थिति बरकरार रहेगी। इसकी वजह यह है कि पिछली बार की पॉलिसी मीट से अब तक इकोनॉमी में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है जिससे की ब्याज दरों में बदलाव की जरुरत हो।


आरबीआई का पॉलिसी रुख accommodative बना रहा है जिसमें दरों में बढ़ोतरी जैसी कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। मनीकंट्रोल से इस बात करने वाले अधिकांश अर्थशास्त्रियों का कहना है कि आरबीआई इस मीट में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।


महंगाई की ऊंची दर और इकोनॉमी में ग्रोथ की अनिश्चित स्थिति पॉलिसी मेकरों को बेहतर संकेत मिलने के लिए वेट एंड वॉच मोड में बनाए रखेगी ।


अर्थशास्त्रियों का यह भी कहना है कि खासकर खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी  की वजह से आए कीमत दबाव को देखते हुए आरबीआई अपने महंगाई के अनुमान में कुछ बढ़ोतरी कर सकता है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि ग्रोथ औऱ महंगाई दोनों मोर्चों पर लगातार दबाव बना हुआ है। खुदरा महंगाई जून महीने में बढ़कर 6.26 फीसदी पर पहुंच गई है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते परिवहन लागत बढ़ी है। इससे महंगाई में बढ़त देखने को मिली है। जून में खुदरा महंगाई मई के तुलना में बहुत ही मामूली तौर पर घटी है लेकिन यह आरबीआई के  2-6 फीसदी के कम्फर्ट जोन से ऊपर है।


अर्थशास्त्रियों का यह भी कहना है कि ग्रोथ में रिकवरी के कुछ संकेत के बावजूद केरल में कोविड के नए मामलों के बढ़ने के चलते एक बार फिर ग्रोथ को लेकर चिंता उतपन्न हो गई है।
 
Crisil के चीफ इकोनॉमिस्ट डीके जोशी (DK Joshi) का कहना है कि अगर कोविड-19 से जुड़ी अनिश्चितता जारी रहती है तो एमपीसी वेट और वॉच मोड में रहना पसंद करेगा। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि महंगाई बड़ा जोखिम बना हुआ है लेकिन एमपीसी का प्राइमरी फोकस ग्रोथ की तरफ ही रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि आरबीआई अपने ग्रोथ आउटलुक में कोई बदलाव नहीं कर सकता है लेकिन इसके महंगाई अनुमान में हमें बढ़त देखने को मिल सकती है।


Kotak Mutual Fund की लक्ष्मी अय्यर ने भी कुछ इसी तरह के विचार रखे। उन्होंने कहा  कि एमपीसी की बैठक, बढ़ती महंगाई,ग्रोथ पर बढ़ते दबाव और पूरी दुनिया में कोरोना महामारी से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच हो रही है। इस बात की संभावना है कि आरबीआई अपने दरों पर यथास्थिति बनाए रखेगा। इसके अलावा लिक्विडिटी को लेकर आरबीआई हमें कुछ कदम उठाते नजर आ सकता है।


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