Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

अहमदाबाद में रीडेवलपमेंट ने पकड़ी रफ्तार

प्रकाशित Sat, 10, 2018 पर 14:10  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अहमदाबाद में रीडेवलपमेंट का काम तेजी से हो रहा है। करीब 350 से ज्यादा सोसायटियां अब तक रीडेवलपमेंट के लिए अपनी दिलचस्पी दिखा चुकी हैं। शहर के विकसित इलाकों में प्लॉट्स की कमी की वजह से बिल्डर भी रीडेवलपमेंट में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।


अहमदाबाद से सटे आम्बावाड़ी या पालडी जैसे विकसित इलाकों में कम ही खाली प्लॉट बचे हैं। ऊपर से रेरा और जीएसटी की वजह से रियल एस्टेट सेक्टर के अच्छे दिन नहीं चल रहे। मंदी के इस दौर में अहमदाबाद के बिल्डर्स के लिए एक आशा की किरण जगी है, और वो है रीडेवलपमेंट। अहमदाबाद की करीब 350 से ज्यादा सोसायटियां रीडेवलपमेंट के लिए बिल्डर्स को अपनी दिलचस्पी जता चुकी हैं।


दरअसल रीडेवलपमेंट के काम में बिल्डर्स को नए प्लॉट के मुकाबले आधा ही निवेश करना पड़ता है। इसके अलावा बिल्डर को ज्यादा एफएसआई भी मिलती है जबकि पुरानी सोसाइटी के लोगों को बिल्डिंग बनने तक का किराया, ऊपर से ट्रांसपोर्ट बोनस और पुराने कंस्ट्रक्शन के मुकाबले 20-30 फीसदी तक ज्यादा कंस्ट्रक्शन मिलता है। लोगों को बिल्डिंग में नई लिफ्ट और कई कॉमन एमिनिटीज भी मिलती हैं।


अहमदाबाद में 2200 से अधिक ऐसी सोसाइटियां हैं जो 25 साल से भी अधिक पुरानी हैं और इन सबका रीडेवलपमेंट जरूरी है। ऐसे में बिल्डर्स चाहते हैं कि महाराष्ट्र की तरह ही गुजरात सरकार भी कोई रीडेवलपमेंट पॉलिसी बनाए ताकि आसानी से सभी सोसाइटियों का रीडेवलपमेंट हो सके।