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टेलीकॉम सेक्टर की मुश्किल, रिलायंस जियो ने COAI से कहा कंपनियां चुका सकती हैं पैसा

COAI के भेदभाव वाले रवैया पर जियो ने कड़ा ऐतराज जताया है।
अपडेटेड Nov 01, 2019 पर 11:56  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

COAI के भेदभाव वाले रवैया पर जियो ने कड़ा ऐतराज जताया है। जियो ने कहा है कि COAI ने बिना उससे बात किए ही सरकार को चिट्टी लिख दी है। इसके अलावा जियो का ये भी कहना है कि टेलीकॉम कंपनियां आराम से पैसे चुका सकती हैं।


JIO की COAI को चिट्ठी


JIO की COAI को चिट्ठी में JIO का कहना है कि COAI ने JIO की राय नहीं ली जबकि JIO ने आज जवाब देने की बात कही थी। JIO के पूछने पर COAI ने जल्दबाजी का बहाना बनाया है। JIO का मानना है कि केवल दो ऑपरेटर के लिए चिट्ठी लिखना गलत है। वहीं COAI की चिट्ठी से JIO सहमत नहीं है। COAI ने इंडस्ट्री को गलत तरीके से पेश किया है।


JIO का कहना है कि COAI दोनों ऑपरेटरों को AGR रकम से बचाना चाहता है। दूसरी तरफ COAI सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश देश का कानून है। वैसे भी कंपनियों के पास रकम चुकाने के लिए एसेट्स हैं।


COAI की सरकार को चिट्ठी


COAI ने सरकार को चिट्ठी लिखकर कहा है कि टेलीकॉम सेक्टर को तत्काल मदद की जरूरत है। उसका कहना है कि AIRTEL, VODAFONE की स्पेक्ट्रम फीस टाली जाए। COAI ने 2 साल के लिए स्पेक्ट्रम फीस टालने की बात कही है। उसका कहना है कि 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2022 तक फीस ना ली जाए। दूसरी तरफ AGR रकम पर सरकार विचार करे और टेलीकॉम कंपनियों को AGR में राहत दी जाए।


(डिस्क्लेमरः मनीकंट्रोल डॉट कॉम नेटवर्क 18 समूह का हिस्सा है। मनीकंट्रोल डॉट कॉम और अन्य डिजिटल, प्रिंट और टीवी चैनल नेटवर्क 18 के अंतर्गत आते हैं। नेटवर्क 18 का स्वामित्व और प्रबंधन रिलायंस इंडस्ट्रीज के हाथ में है।)


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