Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

चीनी इंपोर्ट पर सख्ती से इंपोर्टेड इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स गायब, अब 80-100 रुपए का भी खरीद सकेंगे LPG

एक्सपोर्ट बढ़ाने के मकसद से बनाए गए स्पेशल इकोनॉमिक जोन यानी SEZ को सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी में है।
अपडेटेड Jul 04, 2020 पर 14:10  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

SEZs को राहत की तैयारी, घरेलू बाजार में सामान बेचने पर ड्यूटी में रियायत: सूत्र


एक्सपोर्ट बढ़ाने के मकसद से बनाए गए स्पेशल इकोनॉमिक जोन यानी SEZ को सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी में है। सीएनबीसी आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक SEZ की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को घरेलू बाजार के साथ कारोबार की शर्तों में ढील दी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक इनको घरेलू बाजार में सामान बिक्री पर ड्यूटी में छूट मिल सकती है। अभी इंपोर्ट ड्यूटी के बराबर ड्यूटी लगती है। इनको इक्वालाइजेशन लेवी की तर्ज पर ड्यूटी की सुविधा मिल सकती है। घरेलू इंडस्ट्री के लिए जॉब वर्क छूट भी संभव। इस पर नीति आयोग, उद्योग मंत्रालय, वित्त मंत्रालय में चर्चा हुई है। SEZ में ATF,टेलीकॉम इक्विपमेंट यूनिट्स, पेस्टिसाइड, इंसेक्टिसाइट्स, फुटवियर भी शामिल हैं। नए प्रस्ताव से इन सेक्टर्स को  राहत मिलेगी इससे रोजगार को भी  बढ़ावा मिलेगा।
 
जरूरत के हिसाब से खरीदें LPG, 14 किलो का सिलेंडर लेने की जरूरत नहीं: सूत्र


आपको जल्द ही ये विकल्प मिलेगा कि अपनी जरूरत के हिसाब से ही एलपीजी खरीदें। जरूरत नहीं होने पर 14 किलो का एलपीजी सिलेंडर ना लें और ना ही पूरा पेमेंट करें। सूत्रों के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्रालय ने सरकारी तेल कंपनियों को ग्रामीण और छोटे शहरों को ध्यान में रखकर मार्केटिंग रिफॉर्म की प्रक्रिया तेज करने को कहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने रिफॉर्म पर समीक्षा बैठक की है। इससे 8  करोड़ उज्ज्वला ग्राहकों को ज्यादा फायदा होगा। रिफिल रेट बढ़ने से तेल कंपनियों को भी फायदा होगा।  सूत्रों के मुताबिक मोबाइल LPG वैन के जरिए सर्विस देने की तैयारी है।  सूत्रों के मुताबिक जितना LPG लेंगे उस अनुपात में सब्सिडी का प्रावधान होगा। ग्राहक 80-100 रुपए का LPG भी ले सकेंगे। इससे सरकार की सब्सिडी अदायगी में भी कमी आएगी। FY21 के लिए करीब 37,000 करोड़ रुपये का सब्सिडी का आवंटन किया गया है।


चीनी इंपोर्ट पर सख्ती का असर, बाजार से इंपोर्टेड इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स गायब


चीन से गुड्स इंपोर्ट पर सख्ती का असर दिखने लगा है। खासकर इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स पर। मोबाइल फोन प्रोडक्शन 30 से 40 फीसदी तक घटे हैं लेकिन डिशवॉशर और वैक्यूम क्लीनर जैसी चीजें आउट ऑफ स्टॉक होने लगी है। चीनी कंपनियों के टीवी भी बाजार में दिख नहीं रहे हैं। डिश वॉशर, वैक्यूम क्लीनर जैसे उत्पादों की कमी हो गई है। डिश वॉशर पूरी तरह से आउट ऑफ स्टॉक हो गए हैं। लॉकडाउन में डिश वॉशर और वैक्यूम क्लीनर की मांग बढ़ी है। इस दौरान डिश वॉशर, वैक्यूम क्लीनर की मांग 200 फीसगदी तक बढ़ी है। चीनी कंपनियों के TV सप्लाई में भारी गिरावट आई है। मोबाइल फोन प्रोडक्शन में 30-40 फीसदी की गिरावट आई है। चीनी सामान के इंपोर्ट पर कस्टम विभाग का रुख काफी कड़ा हो गया है। 100 फीसदी इंस्पेक्शन के बाद ही सामान का इंपोर्ट हो पा रहा है।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।